राज्यसभा के लिए फिल्डींग लगा रहे राणा दंपति

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की भेंट, दिल्ली में जमाया डेरा

अमरावती/दि.20 – देशभर से राज्यसभा की रिक्त होनेवाली 37 सीटों के लिए होने जा रहे द्विवार्षिक चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है. इसके चलते संसद के उपरी सदन में पहुंचने के इच्छुकों द्वारा जबरदस्त लॉबिंग व फिल्डींग करनी शुरु कर दी है. विशेष उल्लेखनीय है कि, राज्यसभा की रिक्त होनेवाली 37 सीटों में महाराष्ट्र की भी 7 सीटों का समावेश है. जिसके चलते अमरावती लोकसभा क्षेत्र की पूर्व सांसद नवनीत राणा ने इस मौके का फायदा उठाते हुए एक बार फिर संसद में पहुंचने हेतु प्रयास करने शुरु कर दिए है. जिसके लिए पूर्व सांसद नवनीत राणा अपने पति व विधायक रवि राणा के साथ इस समय राजधानी नई दिल्ली में डेरा जमाए बैठी है. जिन्होंने गत रोज ही भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली स्थित उनके निवास पर भेंट की. ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई है कि, क्या भाजपा द्वारा अपनी स्टार प्रचारक व पूर्व सांसद नवनीत राणा को महाराष्ट्र से राज्यसभा की सीट हेतु अपना दावेदार बनाकर मैदान में उतारती है और क्या नवनीत राणा अब पूर्व सांसद से एक बार फिर सांसद बन सकती है.
ज्ञात रहे कि, वर्ष 2019 में पहली बार लोकसभा हेतु निर्वाचित होने के बाद अमरावती संसदीय क्षेत्र की तत्कालिन सांसद नवनीत राणा का पहला कार्यकाल बेहद चर्चित रहा तथा निर्दलिय सांसद निर्वाचित होने के बावजूद नवनीत राणा ने सदन में पीएम मोदी के नेतृत्ववाली सरकार का हर मुद्दे पर जबरदस्त समर्थन किया था. जिसे ध्यान में रखते हुए वर्ष 2024 का चुनाव आते-आते भाजपा ने नवनीत राणा को पार्टी में प्रवेश देने के साथ ही उन्हें अपना स्टार प्रचारक भी बनाया था. हालांकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नवनीत राणा को हार का सामना करना पडा था. जिसके उपरांत पार्टी द्वारा नवनीत राणा के राजनीतिक पुनर्वसन की बात कही जा रही थी. जिसके तहत माना जा रहा था कि, पूर्व सांसद नवनीत राणा को राष्ट्रीय महिला आयोग का अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है. परंतु कुछ कारणों के चलते इसे लेकर बात नहीं बनी. क्योंकि इस पद पर नियुक्ति के बाद नवनीत राणा का चुनाव प्रचार जैसे कामों में उपयोग नहीं किया जा सकता था. यही वजह रही कि, भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा नवनीत राणा को सक्रिय राजनीति में ही जगह देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि उनकी ‘हिंदू शेरनी’ वाली छवि और जबरदस्त वाक्पटुता का जमकर फायदा उठाया जा सके.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शहा एवं राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बेहद नजदिकी व घनिष्ठ संबंध रखनेवाली पूर्व सांसद नवनीत राणा की हिंदी, मराठी व अंग्रेजी सहित अन्य कई प्रादेशिक भाषाओं पर भी बेहद मजबूत पकड है. यही वजह है कि, भाजपा ने उन्हें तेलगना, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडू जैसे दक्षिणी राज्यों में चुनाव प्रचार हेतु उतारा था, जहां पर पार्टी ने पहले की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन भी किया था. वहीं पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने पश्चिम बंगाल से संबंधित मुद्दों पर अभी से अपने विचार व्यक्त करते हुए एक तरह से भविष्य के संकेत दे दिए.
यहां इस बात का भी विशेष तौर पर उल्लेख किया जा सकता है कि, भाजपा में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के तमाम बडे नेताओं के साथ राणा दंपति की भले ही गहरी छनती हो, लेकिन दूसरी ओर भाजपा के स्थानीय नेताओं के साथ राणा दंपति की बिल्कुल भी पटरी नहीं बैठती. संभवत: यही वजह रही कि, लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहने के बावजूद नवनीत राणा को हार का सामना करना पडा था. लेकिन चूंकि राज्यसभा चुनाव में स्थानीय नेताओं का कोई दखल नहीं रहता और राज्यसभा चुनाव के सारे सूत्र व समीकरण वरिष्ठ नेताओं द्वारा ही तय किए जाते है. जहां पर राणा दंपति की बेहद गहरी पैठ भी है. जिसके चलते राज्यसभा के लिए पूर्व सांसद नवनीत राणा का रास्ता क्लीयर होने की पूरी संभावना है और इससे संबंधित घोषणा आगामी 8-10 दिनों में हो सकती है.
बता दें कि, राज्यसभा हेतु महाराष्ट्र की 7 सीटों सहित देशभर की 37 सीटों के लिए 26 फरवरी को नोटीफिकेशन जारी होगा और 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे. वहीं 6 मार्च को नामांकनों की पडताल की जाएगी तथा 9 मार्च तक नामांकनों की वापसी हो सकेगी. जिसके उपरांत 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत शाम 5 बजे चुनाव परिणाम की घोषणा होगी. ऐसे में अब सभी की निगाहें राज्यसभा की सीटों हेतु चुनावी मैदान में उतरनेवाले दावेदारों की ओर लगी हुई है.

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