दुष्कर्मी को 10 साल कडी कैद की सजा

नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र की 20 माह पूर्व की घटना

अमरावती/दि.17- खेत में पति के साथ रहनेवाली एक 22 वर्षीय विवाहिता की झोपडी में घुसकर मारपीट कर दुष्कर्म करनेवाले आरोपी को स्थानीय जिला व सत्र न्यायाधीश (3) यशवंत आनंद गोस्वामी की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल कडी कैद और पांच हजार रुपए जुर्माना अन्यथा 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई हैं. सजा सुनाए गए आरोपी का नाम मध्य प्रदेश के छिंदवाडा जिले के धागडिया ग्राम निवासी जीवनू रिमकलाल धुर्वे (37) हैं. यह घटना वर्ष 2024 के जून माह में नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र में घटित हुई थी.
जानकारी के मुताबिक घटनावाले दिन 22 वर्षीय पीडिता खेत में अपने पति और बच्चे के साथ काम करती थी और वहीं रहती थी. 28 जून 2024 को वह अपने बच्चे के साथ घर में अकेली थी तब बोरगांव धर्माले में रहनेवाला और मुल छिंदवाडा जिले के धागडिया ग्राम निवासी जीवनू धुर्वे वहां पहुंचा और घर में घुसकर पीडिता से मारपीट कर उस पर दुराचार किया. पीडिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 376, 452, 223 के तहत मामला दर्ज किया गया. इस प्रकरण की जांच विद्या सिरसाठ ने की. जिला व सत्र न्यायाधीश (3) के न्यायालय ने चली सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कुल 10 गवाहों को परखा गया. दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी जीवनू धुर्वे को दोषी करार देते हुए धारा 376 के तहत 10 साल कडी कैद और 5 हजार रुपए जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास, धारा 452 के तहत तीन साल कडी कैद और 2 हजार रुपए जुर्माना व धारा 323 के तहत 6 माह कडी कैद व 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. सभी सजा आरोपी को एकसाथ भुगतनी होगी. इस प्रकरण में सरकारी की तरफ से सहायक सरकारी अभियोक्ता एड. शशीकिरण भगवतीप्रसाद पलोड ने सफल युक्तिवाद किया. पैरवी अधिकारी के रूप में विनोद कनोजिया व हेड कांस्टेबल अरूण हटवार ने काम संभाला.

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