विदर्भ में बागी उम्मीदवार बने बीजेपी और कांग्रेस का सिरदर्द
384 स्थानों हेतु 2572 मैदान में

नागपुर/दि.3- विदर्भ की चारों महापालिका का चुनावी चित्र शुक्रवार को विड्रॉल की डेडलाइन पूरी होने के साथ स्पष्ट हो गया. अमरावती, अकोला, चंद्रपुर और नागपुर महापालिका में कुल 97 प्रभाग और 384 स्थान हैं. इस स्थानों के लिए 2572 उम्मीदवार मैदान में डटे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों ही प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस के लिए विद्रोही उम्मीदवार मुसीबत खडी कर सकते हैं. चुनावी समीकरणों पर प्रभाव डाल सकते हैं. अमरावती में जहां भाजपा को मित्रदलों के कारण चुनौती मिल रही है. वहीं चंद्रपुर में बागी बीजेपी का सिरदर्द बढा रहे हैं.
नागपुर में कांग्रेस में बगावत अधिक
नागपुर महापालिका चुनाव के आखरी दो दिनों में 302 उम्मीदवारों ने नाम पीछे लिए, जिससे 38 प्रभागों की 151 सीटों के लिए 992 प्रत्याशी मैदान में हैं. यहां कांग्रेस के बागी उम्मीदवारों ने पार्टी की टेंशन बढा रखी हैं. भाजपा से भी बडे प्रमाण में बगावत हुई थी. किंतु आखरी दिन बीजेपी विधायक और नेताओं ने काफी प्रमाण में बागीयों को मैदान से हटने के लिए मना लिया. अनेक प्रभागों में भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस ऐसी त्रिकोणीय टक्कर होने की संभावना हैं. बीजेपी ने नागपुर मनपा में चौथीबार सत्ता लाने के साथ 120 नगर सेवक चुनकर लाने का लक्ष्य रखा है तो कांग्रेस ने भी इस बार 100 सीटे जीतने की भाषणा की हैं. दोनों दलों ने अधिकांश स्थानों पर नए चेहरे मैदान में उतारे हैं.
चंद्रपुर में भी विद्रोह की चुनौती
चंद्रपुर मनपा के 17 प्रभागों के 66 स्थानों हेतु अब मैदान में 451 उम्मीदवार रह गए हैं. क्योंकि 81 लोगों ने अपने परचे पीछे ले लिए. सियासी चित्र की बात करें तो यहां भी बडे प्रमाण में सभी प्रमुख दलों में विद्रोह ने सिर उठाया था, ऐसे में प्रमुख दलों के सामने उन्हीं की चुनौती बनी हैं. बीजेपी, कांग्रेस के साथ ही शिवसेना शिंदे, शिवसेना उबाठा, दोनों राष्ट्रवादी, वंचित बहुजन आघाडी, बसपा सभी प्रमुख दलों ने चंद्रपुर मनपा पर सत्ता के लिए खम ठोकी हैं. कांग्रेस ने 9 नगरसेवकों के टिकट काट दिए. जबकि बीजेपी में हुए टिकट वितरण के हंगामें के शहर अध्यक्ष सुभाष कासनगोट्टवार को त्याग पत्र देना पडा हैं. दोनों दलों से नाराज अनेक कार्यकर्ताओं ने अन्य दलों से उम्मीदवारी हासिल कर ली. वहीं कुछ कार्यकर्ता अपक्ष मैदान में उतरे हैं. जिससे जानकार बता रहे हैं कि यहां भी बिजेपी के लिए बागी टेन्शन बढा रहे हैं.
अकोला में 163 मैदान से हटे, कल सीएम की सभा
अकोला महापालिका के 80 स्थानों हेतु अब 469 उम्मीदवार मैदान में है. 163 ने अपना नाम पीछे ले लिया हैं. उम्मीदवारों की अंतिम सूची घोषित होने के साथ चुनाव प्रचार प्रारंभ हो गया. कल सीएम देवेंद्र फडणवीस की यह प्रचार सभा होने जा रही हैं. बीजेपी की यंत्रणा यहां विधायक रणधीर सावरकर के नेतृत्व में पहले ही जुटी हैं. जोरदार प्रचार सामग्री शहरभर में लगा दी गई हैं. मतविभाजन टालने के लिए बीजेपी पदाधिकारी शिंदे सेना और राष्ट्रवादी अजीत पवार से तालमेल बैठा रही हैं. उसी प्रकार निर्दलीय उतरे कार्यकर्ताओं को काफी प्रमाण में मना लिया गया हैं.





