मुंढवा जमीन प्रकरण में पार्थ पवार को राहत

खारगे समिति की क्लीन चिट; राज्यसभा का रास्ता साफ!

पुणे /दि.17- पुणे के मुंढवा इलाके की करीब 1800 करोड़ रुपये मूल्य की ‘महार वतन’ जमीन 300 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के चर्चित मामले में बड़ी राहत मिली है. अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे सकरीब 1800 करोड़ रुपये मूल्य स्पष्ट किया कि पार्थ पवार ‘अमेडिया’ कंपनी के भागीदार जरूर हैं, लेकिन जमीन खरीद के वास्तविक दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं. नियमों के अनुसार, जिस व्यक्ति ने प्रत्यक्ष व्यवहार किया वही तकनीकी रूप से जिम्मेदार माना जाता है. इसी आधार पर रिपोर्ट में उनके खिलाफ प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार किया गया है. सूत्रों के अनुसार इस फैसले के बाद राज्यसभा के लिए उनकी संभावित उम्मीदवारी का रास्ता भी आसान माना जा रहा है. यह सीट वर्तमान में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से जुड़ी बताई जा रही है.
* अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश
समिति ने पार्थ पवार को राहत दी, लेकिन राजस्व विभाग के दो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है. इस मामले में तहसीलदार सूर्यकांत येवले व उप-पंजीयक तारू नामक दो अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है. साथ ही, अमेडिया कंपनी की ओर से जिन लोगों ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की भी अनुशंसा की गई है.
* क्या था मामला?
पुणे के मुंढवा क्षेत्र में स्थित करीब 1800 करोड़ रुपये कीमत की जमीन अमेडिया कंपनी ने लगभग 300 करोड़ रुपये में खरीदी थी. आरोप था कि इस सौदे में करीब 21 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क भी माफ किया गया. मामला सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के लिए खारगे समिति गठित की थी. अब रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी, जिसके बाद सरकार इसे स्वीकार करे या आगे कार्रवाई करे, इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

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