22 जनवरी को तय होगा महापौर पद का आरक्षण
29 महानगर पालिकाओं में नए महापौर को लेकर स्थिति होगी साफ

* राज्य के नगर विकास विभाग द्वारा आरक्षण को लेकर निकाली जाएगी लॉटरी
* महापौर पद के आरक्षण के ड्रॉ की प्रक्रिया पर टिकी पूरे राज्य की निगाहें
* आरक्षण की संभावित स्थिति का अंदाजा लगाकर बनाए जा रहे राजनीतिक समीकरण
* लॉबिंग व फिल्डींग का दौर तेज, इच्छुकों ने शुरु की उठापटक
मुंबई /दि.19- राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में महापौर पद का आरक्षण 22 जनवरी को तय किया जाएगा। राज्य के नगर विकास विभाग द्वारा इस संबंध में लॉटरी प्रणाली से आरक्षण का डॉ निकाला जाएगा. इस ड्रॉ प्रक्रिया पर पूरे राज्य की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं. साथ ही महापौर के आरक्षण की संभावित स्थिति को लेकर पहले से ही राजनीतिक समीकरण बनाए जा रहे हैं. इच्छुक प्रत्याशियों के बीच लॉबिंग और फील्डिंग का दौर तेज हो गया है, वहीं अलग-अलग गुटों में उठापटक भी शुरू हो चुकी है. इस ड्रॉ के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस महानगरपालिका में किस वर्ग का महापौर चुना जाएगा, जिससे स्थानीय राजनीति की दिशा भी तय होगी.
बता दें कि राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में 15 जनवरी को मतदान और 16 जनवरी को मतगणना की प्रक्रिया पूरी हुई. वहीं अब इसके बाद महापौर पद के आरक्षण की प्रक्रिया तय हो गई है. जिसके तहत सभी 29 महानगरपालिकाओं के लिए महापौर पद के आरक्षण का ड्रॉ आगामी 22 जनवरी को सुबह 11 बजे निकाला जाएगा. जिसके साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस नगर निगम में किस वर्ग का महापौर चुना जाएगा. नगर विकास विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह ड्रॉ प्रक्रिया नगर विकास विभाग के राज्यमंत्री की अध्यक्षता में आगामी गुरुवार, 22 जनवरी को सुबह 11 बजे मुंबई स्थित मंत्रालय की छठवीं मंजिल पर परिषद सभागृह में आयोजित की जाएगी.
* आरक्षण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव संभव
महापौर पद के आरक्षण की रोटेशन पद्धति में बदलाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. संभावना है कि आरक्षण प्रक्रिया फिर से ‘ओपन’ श्रेणी से शुरू करते हुए चक्राकार पद्धति से लागू की जाएगी. वर्तमान में कानून के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रोटेशन आरक्षण लागू है, लेकिन नए नियमों के अनुसार यह चक्र फिर से आरंभ किया जा सकता है.
* महानगरपालिका चुनावों में भाजपा की मजबूत बढ़त
नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के बाद अब महानगरपालिका चुनावों में भी भाजपा ने जोरदार बढ़त बनाई है. मुंबई सहित राज्य की 19 महानगरपालिकाओं में भाजपा ने जीत दर्ज की है. पिंपरी-चिंचवड और पुणे में अजित पवार को बड़ा झटका देते हुए भाजपा ने एकतरफा सत्ता हासिल की है. नागपुर में भाजपा ने अपना गढ़ बरकरार रखा है और संभाजीनगर में भी ठाकरे गुट के वर्चस्व को चुनौती देते हुए सत्ता अपने नाम की है.





