धामणगांव तहसील में रोज 50 लाख के राजस्व की चोरी
पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप का आरोप

* प्रशासन सबूतों के साथ शिकायत देने पर भी नहीं कर रहा कार्रवाई
* रेत घाट पर हो चुका है गोलीबार, 100 ट्रक रेत रोज जा रही
अमरावती/दि.27 – कांग्रेस के पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप ने खुल्लम-खुल्ला आरोप लगाया कि, धामणगांव तहसील में रोज 100 ट्रक से अधिक बालू नाममात्र की रॉयल्टी देकर उठाई जा रही है. जिससे शासन-प्रशासन को प्रति दिन 50 लाख रुपए राजस्व की हानी हो रही है. उन्होंने रेत ठेकेदार का नाम लेकर पत्रकार परिषद में खुलेआम गंभीर आरोप किए. प्रशासन को भी आडे हाथ लिया. मीडिया के सामने दावा किया कि, सबूतो के साथ शिकायत देने पर भी प्रशासन किसी पर कार्रवाई नहीं कर रहा है. पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि, रेत की लूट-खसोट के कारण रेत घाट पर पिछले दिनों फायरिंग भी हो चुकी है. बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया जा रहा.
* बोरगांव निस्ताने और गोकुलसरा रेत घाट
कांग्रेस नेता ने पुलगांव में रहनेवाले रेत ठेकेदार का नाम लिया और दावा किया कि, बोरगांव निस्ताने के बालू घाट से 3710 ब्रास बालू भंडार की बोली 27 लाख 88 हजार में अभिषेक एजेंसी की ओर धनराज अशोक वर्मा ने लगाई थी. उसका जिला खनिकर्म अधिकारी के साथ नियम और शब्दों के अधिन रहते हुए गत 12 दिसंबर को अनुबंध हुआ. किंतु कांग्रेस नेता के खुले आरोप है कि, अनुमति से अधिक रेत बोरगांव निस्ताने से उठाई जा रही है. शाम को अंधेरा होते ही बालू के वाहनों की आवाजाही बडे प्रमाण में देर रात तक शुरु है. सभी नियम व कानून ताक पर रखे जाने का आरोप भी पूर्व विधायक प्रा. जगताप ने इस समय किया. उन्होंने प्रशासन द्वारा शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया. उनका दावा है कि, बोरगांव निस्ताने और गोकुलसरा में खुलेआम बालू घाट से नदी पात्र के पानी के नीचे से भी बालू उत्खनन किया जा रहा है. सीसीटीवी रेकॉर्डींग और जियो टैगिंग की जानकारी तहसीलदार को देना बंधनकारक रहने पर भी ऐसा नहीं किया जा रहा. प्रा. जगताप ने रेत घाट नीलामी और मंजूरी के आदेशों की कॉपी सहित नाना प्रकार के दस्तावेज भी मीडिया के सामने रखे और आरोप किया कि, धामणगांव तहसील में रोज 50 लाख के राजस्व की हानी हो रही है.
प्रा. जगताप ने कहा कि, गांव के किसान अपने खेत का मुरुम भी निकालते है, तो प्रशासन 50 हजार जुर्माना करता है. घर बनाने के लिए नदी पात्र से बालू निकालने पर एक से डेढ लाख जुर्माना वसूला जाता है. बालू ठेकेदारों को शासन-प्रशासन ने खुली छूट दे रखने का आरोप वीरेंद्र जगताप ने किया.





