एक देश एक चुनाव से अधिकार प्रभावित नहीं होंगे
पूर्व सीजेआई भूषण गवई ने कहा

नई दिल्ली/दि.13 – एक देश एक चुनाव को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) अंतिम निष्कर्ष के करीब है. गुरुवार को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सीजेआई जस्टीस भूषण गवई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि, एक देश एक चुनाव से मतदाता अधिकार प्रभावित नहीं होंगे और संघिय ढाचे पर भी कोई असर नहीं पडेगा. सूत्रों का कहना है कि, बैठक में यह मुद्दा उठा कि, संविधान नागरिकों को पांच साल के पूरे कार्यकाल के लिए सरकार चुनने का अधिकार देता है. यदि सरकार बीच में गिर जाये और शेष अवधि के लिए चुनाव न हो, तो क्या यह मतदान अधिकारों को प्रभावित करेगा.
माना जा रहा है कि, पूर्व जस्टीस गवई ने समिति के सामने कहा कि, संविधान (129 वां संशोधन) विधेयक, 2024 पूरी तरह संवैधानिक दायरे में है. इसमें संविधान की मूलभूत संरचना, संघीय ढाचा और लोकतांत्रिक शासन प्रणाली प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने कहा कि, यह संशोधन केवल चुनावों की समय-सारणी में एक बार समायोजन का प्रावधान करता है. मतदान प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की भूमिका और मतदान सूची जैसी व्यवस्थाएं पूर्ववत ही रहेगी.





