‘मन्नत के नारियल’ का विधिवत दहन, सैकडों का उत्साहपूर्ण सहभाग
अंबा-एकवीरा देवी मंदिर परिसर में होली

* किशोर बेंद्रे व चंद्रशेखर-स्वाति कुलकर्णी के हाथों पूजन
* 200 वर्षों की परंपरा आज भी कायम
अमरावती /दि.4 – विदर्भ की कुलस्वामिनी माता अंबादेवी-एकवीरा देवी मंदिर परिसर में एक माह पूर्व ‘मन्नत की होली’ स्थापित किया जाता है. यह परंपरा पिछले 200 वर्षों से चली आ रही है. जो अब भी कायम है. श्रद्धालुओं द्वारा एक कपडे में नारियल को बांधकर पेड पर चढाया जाता है और होली के दिन अग्नी देवता को समर्पित किया जाता है. जिसमें श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूर्ण होती है. सोमवार 2 मार्च को होली के दिन इस परंपरा का पालन करते हुए तथा भक्तों की मनोकामना भगवान के चरणों में समर्पित कर होलिका दहन की पौराणिक परंपरा को विधिविधान से पूर्ण किया गया. परंपरागत रुप से अंबादेवी व एकवीरा देवी संस्थान में होलिका का दहन किया गया.
छोटी माता तथा सम्मान में बडी अंबादेवी माता संस्थान द्वारा सोमवार 2 मार्च की शाम 6 बजे संस्थान के विश्वस्त किशोर बेंद्रे, के हाथों सर्वप्रथम विधिविधान से पूजन किया गया. चूंकि विदर्भ की कुलस्वामिनी के रुप में माता अंबादेवी को पहला सम्मान प्राप्त है. इस कारण सर्वप्रथम पंडित विनोद जोशी, पंडित योगेश जोशी, पंडित गोवर्धन पुरानिक, पंडित शंतनू भंजारकर आदि ने मत्रोच्चारण के साथ विधिवत होलिका माता की पूजा-अर्चना संपन्न की. पश्चात पुरणपोली का नैवेद्य अर्पण किया गया और गांठी का प्रसाद चढाकर आरती की गई एवं होलिका में अग्नी प्रज्वलित कर होलिका दहन किया गया. इस समय पुलिस आयुक्त राकेश ओला, उपायुक्त गणेश शिंदे की उपस्थिति रही.
इस अवसर पर संस्थान के विश्वस्त रवींद्र बर्वे, डॉ. जयंत पांढरीकर, विलास मराठे, सुरेंद्र बुरंगे, शैलेश पोतदार, एड. राजेंद्र पांडे, मीना पाठक, दीपा खांडेकर, विजया गुढे, अशोक खंडेलवाल, अशोक गुप्ता, विद्या देशपांडे, डॉ. आनंद पलसोदकर, व्यवस्थापक सूर्यकांत आप्पा कोल्हे, मुकुंद घडयाल पाटिल, पूर्व पार्षद अजय सारस्कर सहित मंदिर के सभी सेवाधारी उपस्थित थे.
होलिका दहन के पश्चात हर साल की परंपरा का पालन करते हुए भाविकों ने पूजा-अर्चना कर मन्नत का नारियल अग्नी को समर्पित किया और होलिका माता की परिक्रमा कर कई भाविकों ने सेल्फी भी ली और वीडियो भी बनाए. होलिका माता का देवी स्वरुपा की तरह श्रृंगार किया गया था. माता का साडी से चित्र तैयार किया गया. संपूर्ण होलिका को रंगबिरंगी साडियों और ओढनी से सजाया गया था.
* एकवीरा देवी मंदिर में आरती
अंबादेवी मंदिर में गुरुवार की शाम 6 से 6.30 बजे तक होलिका की पूजा-अर्चना हुई. जिसके बाद एकवीरा देवी मंदिर में होलिका दहन की प्रथा को पूरा किया गया. एकवीरा देवी मंदिर संस्थान की ओर से गोरक्षण परिसर के समीपस्थ मैदान पर होली होती है. जिसे होली के दिन अग्नी को समर्पित करने की परंपरा सालों से चली आ रही है. सोमवार की शाम 6.45 बजे विधिविधान से होलिका दहन की विधि संस्थान के सचिन चंद्रशेखर कुलकर्णी तथा स्वाति कुलकर्णी के हाथों पुर्ण की गई. इस अवसर पर दीपक पाठक महाराज ने संपूर्ण विधि मंत्रोच्चारण के बीच पूरी की. पश्चात विधिवत होलिका दहन किया गया. इस अवसर पर माता की आरती कर सभी भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया. इस समय मंदिर संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अनिल खरैया, विश्वस्त अविनाश श्रॉफ, राजेंद्र टेंभे, एड. रवींद्र मराठे, दीपक सब्जीवाले, शरद अग्रवाल के साथ आरती मंडल के विनोद पांचाल, हरीश व्यास आदि बडी संख्या में उपस्थित थे. सभी ने होलिका को जल, गांठी, बडकुले, हल्दी-कुमकुम, फूल अर्पित कर पूजन किया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया.





