गौण खनिज की रॉयल्टी और गैर कृषि प्रक्रिया भी शीघ्र डिजिटल
राज्य के निर्माण क्षेत्र को बडी राहत

* राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने क्रेडाई के सभी मुद्दों का किया समाधान
मुंबई/दि.9– निर्माण कार्य के दौरान निकाले गये गौण खनिज का यदि उसी स्थान पर उपयोग किया जाता है, तो उस पर रॉयल्टी माफ कर दी गई है. साथ ही गैर- कृषि (एनए) अनुमति के लिए अब जिलाधिकारी के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी और यह प्रक्रिया 10 दिनों में ऑनलाइन पूरी की जाएगी. इसके अलावा महानगरपालिका और संपत्ति पत्र (प्रॉपर्टी कार्ड) में प्रविष्टियां को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने का आश्वासन भी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिया है.
राज्यभर के बिल्डरों को आने वाली समस्याओं और लंबित मांगों को को लेकर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंत्रालय में क्रेडाई के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. निर्माण क्षेत्र को गति देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए.
निर्माण कार्य के दौरान खुदाई पर लगनेवाली रॉयल्टी को लेकर क्रेडाई द्बारा उठाए गये मुद्दों को समाधान किया गया. सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह है कि उत्खनन के बाद निकाले गये गौण खनिज यदि उसी प्रोजेक्ट स्थल पर उपयोग किए जाते है, तो उन पर कोई रॉयल्टी नहीं लगेगी. इससे परियोजनाओं की लागत कम होगी. साथ ही रॉयल्टी भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसे 6 महीने की अवधि के लिए लागू करने का निर्णय र्लिया गया है.
गैर- कृषि प्रक्रिया अब 10 दिनों में डिजिटल: गैर- कृषि (एनए) अनुमति प्रक्रिया को सरल और समयबध्द बनाने के लिए राजस्व विभाग ने योजना बनाई है. पूरी प्रक्रिया को अगले 10 दिनों में पूर्णत: ऑनलाइन करने के निदेश दिए गए है. इससे हाउसिंग प्रोेजेक्टस में आनेवाली प्रशासनिक बाधाएं कम होगी.
पुणे मॉडल पूरे राज्य में लागू करने पर विचार- पुणे जिले में लागू की गई डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली को सफल माना गया है. इसी प्रणाली को राज्यभर में लागू करने पर सकारात्मक चर्चा हुई. साथ ही किसी भी दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन के बाद उसकी प्रविष्ट तुरंत प्रॉपर्टी कार्ड मे दर्ज करने की के्रडाई की मांग को भी सिध्दांतत: स्वीकार कर लिया गया है.
इन निर्णयों के अमल के लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी लायी गई है. ेमुंबई महानगरपालिका की आयुक्त रविन्द्र बिनबडे के साथ अलग- अलग बैठकें आयोजित कर तकनीकी समस्याओं को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए है. सरकार के इन फैसलों से राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र को बडा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई है.





