अमरावती में समता का सांस्कृतिक महोत्सव धूमधाम से आयोजित

घर-घर संविधान’ मेले से सामाजिक परिवर्तन का सशक्त संदेश

अमरावती/दि.25 – सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के पहल पर भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने तथा महाड चवदार तालाब सत्याग्रह की 99वीं स्मृति दिवस के अवसर पर समता का सांस्कृतिक महोत्सव, घर-घर संविधान मेला एवं जनव्याख्यान कार्यक्रम रविवार को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक पर उत्साह और जोश के साथ संपन्न हुआ.
कार्यक्रम की शुरुआत घर-घर संविधान अभियान के तहत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई, जिससे पूरे परिसर में संवैधानिक मूल्यों का वातावरण निर्मित हो गया. प्रा. डॉ. रत्नाकर बनसोड ने अपने प्रभावी उद्बोधन में समता, न्याय और बंधुता जैसे संवैधानिक मूल्यों पर जोर देते हुए समाज को जागरूक करने का संदेश दिया. उनके विचारों ने उपस्थित नागरिकों में नई चेतना का संचार किया. तुषार सूर्यवंशी के खंजिरी वादन ने कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा भर दी. उनके संगीतमय प्रस्तुति के माध्यम से संविधान के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही. इस भव्य आयोजन का संचालन भीमा कोरेगांव विश्वविक्रमी मानवंदना बहुउद्देशीय संस्था द्वारा किया गया. कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आवाज इंडिया टीवी पर भी किया गया, जिससे यह संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचा. यह आयोजन चैनल के संचालक अमन कांबले के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त अधिकारी रमेश कटके ने की. इस अवसर पर महापौर श्रीचंद तेजवानी, स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर, नगरसेवक मंगेश मनोहरे, नगरसेविका कल्याणी आकाश तायडे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. इसके अलावा वसंतराव गवई, रविकांत गवई, प्रा. जगदीश गोवर्धन, वी.एम. वानखडे, कपिल धवणे, साहिल नवाडे, सुरेश तायडे, सुभाष गडलिंग, अनिल खंडारे, किशोर सरदार, आशिष डोंगरे, प्रीतम चक्रे, दिगंबर गायकवाड, परमेश्वर वरठे, राजेश अंभोरे सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभाग लिया.माजी सैनिक संघ के पदाधिकारी कैप्टन कमलेश्वर दाभाडे, सिद्धार्थ शेंडे, गौतम बनसोड, कमलाकर दाभाडे तथा समता सैनिक दल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र खांडेकर, भाऊराव दंडाले भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही. आशा मेश्राम, अनिता जंवजाल, सुनीता शिरसाठ, सुवर्णा खांडेकर, उज्वला वासनिक, वैशाली धवणे सहित अनेक महिलाओं ने सक्रिय सहभाग कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई. कार्यक्रम का प्रास्ताविक कैलास मोरे ने प्रस्तुत किया, संचालन श्रीकृष्ण पखाले ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन बार्टी की जिला परियोजना अधिकारी अनिता गवई (राऊत) ने किया.

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