पार्षदों की सिफारिश के बिना स्वच्छता ठेकेदार का जारी नहीं होगा बिल
स्थायी समिति ने लिया महत्वपूर्ण फैसला, देयक अदा करने की पद्धती में बदलाव

* मनपा के पदाधिकारियों के वाहन भत्ते को मंजूरी, ई-बसेस का ठेका एनटी इलेक्ट्रीकल कंपनी को
अमरावती /दि.12 – गत रोज हुई स्थायी समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि, अब नगरसेवकों की सिफारिश के बिना स्वच्छता ठेकेदार के बिल मनपा प्रशासन द्वारा अदा नहीं किए जाएंगे. जिसके चलते अब सफाई ठेकेदार को मनपा से बिल अदा करने की पद्धति में बडा बदलाव किया जाएगा. इसे स्थायी समिति का बेहद महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है.
गत रोज स्थायी समिति के सभापति अविनाश मार्डीकर की अध्यक्षता के तहत स्थायी समिति की पहली बैठक हुई. जिसमें मनपा के सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने के मुद्दे पर चर्चा की गई. इस समय मनपा प्रशासन द्वारा महापौर के अलावा उपमहापौर सहित स्थायी समिति सभापति, सभागृह नेता व नेता प्रतिपक्ष सहित गटनेता व विषय समिति सभापति जैसे पदाधिकारियों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने में अपनी असमर्थता दिखाई गई. साथ ही सभी पदाधिकारियों के लिए नए वहन खरीदने हेतु मनपा प्रशासन के पास फिलहाल पर्याप्त फंड भी नहीं रहने की बात कही गई. जिसके चलते पर्यायी व्यवस्था के तौर पर पदाधिकारियों के लिए वाहन भत्ता देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया और उपमहापौर सहित स्थायी समिति सभापति, सभागृह नेता व नेता प्रतिपक्ष सहित गटनेता व विषय समिति सभापति जैसे पदाधिकारियों को वाहन भत्ता देने को मंजूरी दी गई. जिसके तहत उपमहापौर सहित स्थायी समिति सभापति, सभागृह नेता व नेता प्रतिपक्ष को प्रति माह 50 हजार रुपए तथा गटनेता व विषय समिति सभापति जैसे पदाधिकारियों को प्रति माह 35 हजार रुपए का वाहन भत्ता देना मंजूर किया गया.
इसके अलावा ई-बसेस के लिए एनटी इलेक्ट्रीकल एंड इंजिनिअरिंग को ठेका दिए जाने के प्रस्ताव को भी स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी दी गई. इस बैठक में स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर व स्थायी समिति सदस्यों सहित अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक, उपायुक्त योगेश पिठे व नरेंद्र वानखडे एवं सभी विभाग प्रमुख भी उपस्थित थे.





