संजय खोडके ने आंकडों के साथ की बात, सीएम को जँची
अमरावती को राज्य बजट में मिलेगी भरपूर निधि

* अर्थ संकल्प पूर्व डीपीसी मांगों पर मुंबई में साधक- बाधक चर्चा
* देवेन्द्र फडणवीस तहसील निहाय फंड बढाकर देने राजी
अमरावती/ दि. 12- महाराष्ट्र का बजट आगामी 6 मार्च को विधानमंडल में स्वयं मुख्यमंत्री प्रस्तुत करेंगे. उससे पहले बुधवार को सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने सभी जिलों की डीपीसी डिमांड के बारे में मुंबई में बैठक कर विकास प्रारूप एवं फंड की मांग पर महत्वपूर्ण विचार विनिमय किया. जिसमें राष्ट्रवादी के विधायक संजय खोडके ने पश्चिम महाराष्ट्र के जिलो सहित अनेक भागो को मिल रही निधि और अमरावती के लिए मंजूर राशि का भारी बैकलॉग आंकडों सहित प्रस्तुत किया तो सीएम अमरावती जिले के लिए मोटे तौर पर 300 करोड की डीपीसी राशि बढाकर देने राजी हो जाने की खबर है. इसकी अधिकृत घोषणा प्रदेश के बजट में ही अगले माह होगी.
खोडके ने रखा नब्ज पर हाथ
विधायक संजय खोडके के अलावा अमरावती के सभी विधायक और अधिकारी इस बैठक में मौजूद थे. ऐसे में विधायक खोडके ने आंकडों के साथ अपनी बात रखी. उन्होंने सदन को बतलाया कि अमरावती की चालू वित्त वर्ष की डीपीसी योजना में भी 527 करोड मांगे गये हैं. जबकि तुलना में सोलापुर, कोल्हापुर, सांगली, सातारा, संभाजी नगर जैसे जिले में कम तहसीले और कम क्षेत्रफल होने पर भी प्रत्येक तहसील अमरावती की तुलना में करीब दो गुना फंड दिया जा रहा है. खोडके ने अमरावती जिले में 14 तहसीलें होने और प्रत्येक तहसील 527 करोड का विभाजन करने पर मात्र 37 करोड विकास फंड मिलने की ओर बैठक का ध्यान आकृष्ट किया.
पश्चिम महाराष्ट्र से आधा फंड
संजय खोडके ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए छत्रपति संभाजी नगर से लेकर कोल्हापुर, सोलापुर सभी जिलों की तहसीलों को प्राप्त राशि तुलना पेश कर दी. उन्होंने बताया कि छत्रपति संभाजी नगर में 9 तहसीले है. प्रत्येक तहसील को वहां के लिए मंजूर डीपीसी राशि में 81.62 करोड फंड मिलनेवाला है. सोलापुर में यही आंकडा 71 करोड से अधिक है. सांगली में 64.20 करोड रूपए प्रति तहसील डीपीसी फंड मिल रहा है. कोल्हापुर में 9 तहसीलों को 642 करोड दिए गये हैं. स्पष्ट है कि वहां भी 70 करोड से अधिक राशि एक- एक तहसील को मिलने जा रही है. ऐसे में अधिक क्षेत्रफल और 14 तहसीलें रहने के बावजूद अमरावती जिले को मात्र 527 करोड मंजूर हुए हैं. यह नाकाफी हैं. प्रत्येक तहसील मात्र 37 करोड अर्थात उपरोक्त जिलो की तहसीलों की तुलना में करीबन आधा ही फंड मिल रहा है.
10 प्रतिशत नहीं, 300 करोड का करें अधिक आवंटन
संजय खोडके मंत्रालय में अधिकारी रह चुके हैं. वे पूर्व उप मुख्यमंत्री के ओएसडी भी रह चुके हैं. ऐसे में अपने प्रशासकीय कामकाज का संपूर्ण लाभ लेते हुए उन्होंने डीपीसी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सामने स्पष्ट कर दिया कि डिमांड करने पर 527 करोड की डीपीसी राशि में 10 प्रतिशत इजाफा कर दिया जाता है. किंतु अमरावती का बैकलॉग इससे बढता जायेगा. अत: शासन को विविध विकास कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण करने अमरावती जिले की विकास निधि 300 करोड रूपए बढाकर 735 करोड करने का अनुरोध शासन से किया. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने खोडके के अनुरोध को तत्वत: मान्य किया है. संजय खोडके को उपरोक्त प्रेजेंटेशन में अमरावती के कलेक्टर आशीष येरेकर ने भी प्रभावी साथ सहयोग किया. जिससे आगामी 6 मार्च के अर्थ संकल्प में अमरावती का र्डीपीसी फंड 735 करोड पार होने की आशा जागी है. बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और सभी जनप्रतिनिधि एवं उच्चाधिकारी मौजूद थे. उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के कारण राज्य का बजट मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस प्रस्तुत करने जा रहे हैं.





