मनपा में दिग्गजों की दमदार वापसी, कई रहे चुनाव जीतने में नाकाम
कई पूर्व महापौर, उपमहापौर और स्थायी सभापति फिर बने पार्षद

* कई कद्दावर दावेदारों को करना पडा हार का सामना
अमरावती /दि.17- अमरावती महानगरपालिका के चुनावी नतीजे घोषित हो चुके है और इस बार नतीजों को काफी उलटफेर वाला कहा जा सकता है. हालांकि इसके बावजूद मनपा चुनाव परिणामों में इस बार राजनीति के कई बड़े चेहरे फिर से सदन में पहुंचे हैं. लेकिन लंबे अरसे से मनपा के सदन का हिस्सा रहनेवाले वरिष्ठ पूर्व पार्षदों सहित जीत के कई प्रबल दावेदारों के हाथ इस बार के मनपा चुनाव में निराशा लगी है. साथ ही एक के बाद एक लगातार कई बार मनपा के सदन का हिस्सा रहनेवाले कई पूर्व पार्षदों का मनपा की राजनीति में सफर फिलहाल रुक गया है.
मनपा का चुनाव जीतकर दुबारा पार्षद निर्वाचित होते हुए पूर्व महापौर विलास इंगोले, चेतन गावंडे, संजय नरवणे, पूर्व उपमहापौर शेख जफर शेख जब्बार, पूर्व स्थायी सभापति अविनाश मार्डीकर सहित अनेक अनुभवी नेताओं ने जीत दर्ज कर नगर की राजनीति में अपनी मजबूत वापसी की है. वहीं दूसरी ओर कई दिग्गज नेताओं को इस बार मतदाताओं का समर्थन नहीं मिल सका, जिनमें पूर्व महापौर रीना नंदा, वंदना कंगाले, पूर्व उपमहापौर कुसूम साहू और पूर्व स्थायी सभापति तुषार भारतीय जैसे नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा चुनाव परिणामों में पारिवारिक राजनीति भी चर्चा में रही. प्रभाग क्र. 5 से कांग्रेस प्रत्याशी धीरज हिवसे और प्रभाग क्र. 12 से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप उर्फ बंडू हिवसे दोनों चचेरे भाई, दल बदल के बावजूद विजयी रहे. वहीं प्रभाग क्र. 13 में भाजपा के प्रणित सोनी और कांग्रेस के कृणाल सोनी ये दोनों चचेरे भाई हार गए. साथ ही साथ इस बार के चुनाव में पति-पत्नी की दो जोड़ियों को भी मतदाताओं ने नकार दिया. प्रभाग क्र. 14 में प्रवीण-विशाखा हरमकर और प्रभाग क्र. 18 में प्रमोद-अंजली पांडे दोनों ही जोड़ियां चुनाव हार गईं.
* दो भाई चुनाव जीते, दो भाई चुनाव हारे
प्रभाग क्र. 5 से कांग्रेस प्रत्याशी धीरज हिवसे तथा प्रभाग क्र. 12 से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप उर्फ बंडू हिवसे ने चुनाव जीता. खास बात यह है कि, ऐन चुनाव के मुहाने पर धीरज हिवसे भाजपा से कांग्रेस में और प्रदीप हिवसे कांग्रेस से भाजपा में गए थे. लेकिन इसके बावजूद दोनों चचेरे भाई चुनाव में विजयी रहे. वहीं दूसरी ओरो प्रभाग क्र. 13 अंबापेठ-गौरक्षण की ड-सीट पर एक-दूसरे के सामने प्रतिस्पर्धी के तौर पर रहनेवाले भाजपा प्रत्याशी प्रणित सोनी व कांग्रेस प्रत्याशी कृणाल सोनी इन दो चचेरे भाईयों को हार का सामना करना पडा.
* पति-पत्नी की दोनों जोडियां चुनाव हारी
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, प्रभाग क्र. 14 जवाहर गेट-बुधवारा की दो सीटों से पूर्व पार्षद प्रवीण हरमकर और उनकी पत्नी विशाखा हरमकर शिंदे सेना प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में थे. परंतु इन दोनों को प्रभाग क्र. 14 में हार का सामना करना पडा. ठीक इसी तरह पूर्व उपमहापौर प्रमोद पांडे तथा उनकी पत्नी व पूर्व पार्षद अंजली पांडे ने भी प्रभाग क्र. 18 राजापेठ-संत कंवरराम की दो सीटों से निर्दलिय प्रत्याशी के तौर पर दावेदारी पेश की थी. लेकिन पति-पत्नी की इस जोडी को भी हार का सामना करना पडा. पति-पत्नी की दोनों जोड़ियों की हार से यह संकेत मिलता है कि मतदाता अब पारिवारिक राजनीति को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं कर रहे. प्रवीण-विशाखा हरमकर और प्रमोद-अंजली पांडे जैसे अनुभवी चेहरों की हार ने इस प्रवृत्ति पर सवाल खड़े किए हैं.
* अनुभव बनाम बदलाव : मनपा चुनाव का नया संदेश
इस बार के मनपा चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि मतदाता अनुभव और नेतृत्व क्षमता को महत्व दे रहे हैं, लेकिन साथ ही वे सत्ता परिवर्तन से भी नहीं हिचक रहे. जहां एक ओर कई अनुभवी चेहरे जैसे विलास इंगोले, चेतन गावंडे, अविनाश मार्डीकर, शेख जफर शेख जब्बार आदि दोबारा निर्वाचित होकर सदन में पहुंचे, वहीं दूसरी ओर अनेक पुराने दिग्गजों को जनता ने बाहर का रास्ता भी दिखाया.
* दल बदल का असर सीमित
धीरज हिवसे और प्रदीप उर्फ बंडू हिवसे का मामला यह दर्शाता है कि केवल दल बदल से ही हार-जीत तय नहीं होती. दोनों चचेरे भाई चुनाव से ऐन पहले दल बदलने के बावजूद विजयी रहे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर व्यक्तिगत छवि और जनसंपर्क अभी भी निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं.
* वे दिग्गज, जो दुबारा दिखेंगे मनपा के सदन में
पूर्व महापौर विलास इंगोले, चेतन गावंडे, संजय नरवणे, पूर्व उपमहापौर शेख जफर शेख जब्बार, पूर्व स्थायी सभापति अविनाश मार्डीकर, राधा कुरील व प्रशांत वानखडे, पूर्व पार्षद बबलू शेखावत, रतन डेंडूले, मनीष बजाज, सुरेखा लुंगारे, धीरज हिवसे, प्रदीप उर्फ बंडू हिवसे, मंजुषा जाधव, सुमती ढोके, पद्मजा कौंडण्य, वंदना मडघे, लुबना तनवीर, राजेंद्र तायडे, श्रीचंद तेजवानी, सोनाली नाईक व रेखा पंजाबराव तायवाडे
* दिग्गज, जो चुनाव में हारे
पूर्व महापौर रीना नंदा व वंदना कंगाले, पूर्व उपमहापौर कुसूम साहू, संध्या टिकले, मेघा हरणे व चेतन पवार, पूर्व स्थायी सभापति तुषार भारतीय व विवेक कलोती, पूर्व पार्षद प्रकाश बनसोड, सुनील काले, राजेश साहू पड्डा, पुरुषोत्तम बजाज, शोभा शिंदे, प्रशांत डवरे, सपना ठाकुर, ऋषि खत्री, अजय गोंडाणे, भारत चौधरी, जयश्री कुर्हेकर, गंगा खारकर, संगीता बुरंगे, अब्दुल रफिक, आसीफ तवक्कल, सुनंदा खरड, गंगा अंभोरे, छाया अंबाडकर, इशरतबानो मन्नान खां, ललित झंझाड, सुशील उर्फ बल्लू पडोले.





