सौम्या शर्मा बेस्ट ई-गव्हर्नन्स आयुक्त
अमरावती को राज्यस्तर पर पुरस्कार

* 29 मनपा में पाया 5 वां स्थान
अमरावती/दि.26 – महापालिका आयुक्त सौम्या शर्मा-चांडक ने अल्प कार्यकाल में ही अमरावती में ई-गव्हर्नन्स की छाप छोडी. जिसके कारण प्रदेश में उन्हें 5 वें नंबर का बेस्ट ई-गव्हर्नन्स आयुक्त चुना गया है. आज मुख्यमंत्री के हस्ते यह पुरस्कार घोषित किया गया है. शीघ्र सौम्या शर्मा-चांडक का मुंबई में सीएम देवेंद्र फडणवीस के हस्ते डीसीएम और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में सत्कार किया जाएगा.
* एआई और ब्लॉक चेन का इस्तेमाल
सौम्या शर्मा-चांडक के नेतृत्व में अमरावती महापालिका ने 150-डे ई-गव्हर्नन्स पर विशेष ध्यान दिया. उन्होंने एआई और ब्लॉक चेन का उपयोग और जीआईएस तकनीक का प्रभावी उपयोग कर अमरावती में ई-गव्हर्नन्स पर जोर दिया. इससे उपक्रम का क्रियान्वयन प्रभावी, नई तकनीक का प्रयोग और प्रशासन में पारदर्शिता में हुआ. इसी आधार पर क्यूसीआई ने चुनिंदा महापालिका का अवलोकन कर आज उसकी अधिकृत घोषणा की. अमरावती की आयुक्त सौम्या शर्मा को 200 में से 179.50 अंक प्राप्त हुए. पुणे और नवी मुंबई के बाद अमरावती को 5 वां स्थान प्राप्त हुआ.
* सौम्या शर्मा ने कहा – सामूहिक प्रयत्नों का यश
आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक ने ‘अमरावती मंडल’ से फोन पर बातचीत में मनपा को 5 वां स्थान पुरस्कार मिलने पर हर्ष व्यक्त किया और विनम्रता से कहा कि, यह मनपा के सभी अधिकारी, कर्मचारियों के सामूहिक प्रयत्नों का सुयश है. आयुक्त महोदया ने यह भी कहा कि, डिजिटल तकनीक के माध्यम से मनपा प्रशासन अधिक पारदर्शी, जनाभिमुख और सभी के लिए सुलभ करने प्रयासरत है. भविष्य में भी अमरावतीवासियों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा देने सतत कार्यरत रहेंगे. सौम्या शर्मा ने बताया कि, प्रदेश में कई बडी मनपा है, उसमें अमरावती जैसी छोटी मनपा को पुरस्कार प्राप्त होना गौरव की बात है. स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं से स्पर्धा करते हुए अमरावती मनपा को यह अवॉर्ड मिला है. इसलिए समस्त अमरावती के लिए अभिमान की बात है.
* विविध चैनल से लोगों से संवाद
ई-गव्हर्नन्स क्षेत्र में सौम्या शर्मा-चांडक द्वारा किए गए नाविण्यपूर्ण एवं प्रभावी उपक्रम का महत्वपूर्ण योगदान रहा. ‘माय अमरावती वाटस्एप’ और ‘चैटबॉट व चैनल’ से लोगों से सीधा संवाद, रिमोट सेंसींग आधारित ‘कूल रुफ’ उपक्रम, जीआईएस व ड्रोन मैपिंग से संशोधित हाउस टैक्स मूल्यांकन और स्वच्छता वॉर रुम, ई-ऑफीस प्रणाली के प्रभावी और शीघ्र क्रियान्वयन, सेवा वितरण और सरकार प्रोसेस रि-इंजीनियरिंग उपक्रमों का समावेश रहा.





