खुले बाजार में सोयाबीन ने गारंटी मूल्य किया पार

नाफेड की तरफ किसानों ने फेरा मुंह

* सरकारी खरीदी की अवधि कल होगी समाप्त
अमरावती/दि.11 -निजी बाजार में सोयाबीन ने गारंटी मूल्य का चरण पार करने से शासन खरीदी केंद्र की ओर किसानों ने मुंह फेरा हुआ दिखाई देता है. नाफेड की यंत्रणा रहने वाले डीमएओ व वीसीएमएफ द्वारा शेडयुलिंग किया गया. हालांकि, निजी में दर अधिक और नकद पेमेंट मिलने से किसानों का रुझान निजी की ओर है. इसलिए सरकार खरीदी केंद्र वीरान पडे है.
सोयाबीन की खरीदी शुरु होने के बाद से अगले 90 दिन तक शासन दर से खरीदी की जाएगी, ऐसा सरकार ने स्पष्ट किया था. इसके अनुसार यह अवधि 12 फरवरी को समाप्त हो रही है. शुरुआती के दौर में सोयाबीन खरीदी की गति कम थी. अब खुले बाजार में सोयाबीन की दरें 5328 रुपए गारंटी मूल्य से अधिक होने से नाफेड केंद्रों में आवक बंद हुई है. जिसके कारण जिले के सभी 16 केंद्र बंद होते दिख रहे है.
इस वर्ष नाफेड ने खरीदी केंद्र देरी से शुरु किए और उसमें भी 12 प्रतिशत के अंदर नमी व एफएक्यु ग्रेड के साथ अन्य शर्तें रखी थी. जिसके कारण आर्थिक संकट में रहने वाले किसानों को मिले उस दाम में सोयाबीन बेचना पडा. इसके बाद भी शेड्युलिंग कम होने से खरीदी की गति धीमी थी. दौरान निजी बाजार में सोयाबीन की चमक बढ गई है. विगत महिने भर से केंद्रों पर आवक बंद दिखाई दे रही है. किसानों के पास सोयाबीन का भंडारण नहीं है. इसलिए दरवृद्धि का फायदा व्यापारियों को ही हो रहा है.
* सोयाबीन दरवृद्धि के कारण
इस बार अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन का भारी नुकसान हुआ. उसी प्रकार फसल पर कीट-रोग का प्रकोप होने से उत्पादन में गिरावट आई. किसानों के पास सोयाबीन नहीं रहने से आवक कम हुई. खाद्यतेल उद्याोग व पशुखाद्य निर्मिती के लिए सोयापेंड की मांग बढी. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोयातेल व पशुखाद्य डीओसी के दर में तेजी, आदि कारणों का असर होकर सोयाबीन की दरवृद्धि हुई है.

सोयाबीन के बाजारभाव (रु/क्विं)
30 जनवरी         5100-5700
2 फरवरी           5100-5555
4 फरवरी           5150-5600
6 फरवरी           5150-5520
9 फरवरी           5100-5476
10 फरवरी

Back to top button