चिखलदरा का मकडी संग्रहालय दोबारा शुरु करेंगे
सुधीर मुनगंटीवार का दावा

अमरावती/दि.24 – मेलघाट के बाघ प्रकल्प अधिकारियों को जमकर आडे हाथ लेते हुए प्रदेश के पूर्व वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने चिखलदरा के मकडी संग्रहालय के विषय पर दोबारा शुरु करने की बात कही. बाघ प्रकल्प और वन अधिकारियों की अनदेखी के कारण देश के पहले मकडी संग्रहालय को चिखलदरा में बंद करना पडा है. जबकि समस्त मेलघाट में नाना प्रकार की मकडियां बहुतायत में आज भी पायी जाती है. इस संबंध में मकडी संग्रहालय के बंद पडने की मीडिया रिपोट्स के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता मुनगंटीवार ने प्रतिक्रिया दी है.
मुनगंटीवार ने कहा कि, 2018 में चिखलदरा वानिकी प्रशिक्षण अंतर्गत प्रथम मकडी संग्रहालय स्थापित किया गया था. उन्होंने इस मुद्दे को राज्य शासन के पास उठाने की बात कही. यह भी कहा कि, विधान मंडल के बजट सत्र को केवल दो दिन बचे है. ऐसे में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए आवश्यक तीन दिनों का समय अभी नहीं है. किंतु वे संबंधित लोगों से इस विषय पर अवश्य चर्चा और जवाब तलब करेंगे. उन्होंने फोन पर बातचीत में कबूल किया कि, अधिकारी गण उतने उत्साहित और जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं होते हैं. स्वयं वन मंत्री रहते सुधीर मुनगंटीवार ने ही उक्त मकडी संग्रहालय का उद्घाटन किया था. जो उपेक्षा के कारण बंद पड गया है. वहां की मकडियां भी न जाने कहां चली गई है.





