खेल

भारतीय हॉकी टीम को जापान ने बुरी तरह हराया,

फाइनल में जाने का मौका गंवाया

नई दिल्ली/दि२१-भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2021 में जापान के हाथों सेमीफाइनल में हार झेलनी पड़ी है. जापान ने 5-3 से भारत को शिकस्त देकर उलटफेर कर दिया. स्कोरलाइन में भले ही मुकाबला करीबी लगे लेकिन भारत ने बीच के क्वार्टर में मैच को अपने हाथ से निकलने दिया और फिर हार के रूप में खामियाजा भुगता. इसके चलते टोक्यो ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम फाइनल में जाने से चूक गई. रोचक बात है कि भारत ने इसी टूर्नामेंट में ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में जापान को 6-0 से रौंद दिया था.

मैच शुरू होने से पहले भारत को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था. भारत का जापान के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड भी अच्छा है लेकिन विरोधी टीम ने सेमीफाइनल में गत चैंपियन टीम को चौंका दिया. भारत और जापान की टीम इससे पहले 18 बार आमने सामने थी जिसमें से भारत ने 16 मैचों में जीत दर्ज की जबकि उसे एक मैच में हार का सामना करना पड़ा और एक मुकाबला ड्रॉ रहा. जापान खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया से भिड़ेगा जबकि बुधवार को कांस्य पदक के प्ले ऑफ में भारत का सामना पाकिस्तान से होगा. दक्षिण कोरिया ने एक अन्य सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 6-5 से हराया. भारत राउंड रोबिन चरण में अजेय रहता हुआ शीर्ष पर रहा था.

जापान ने पहले मिनट में ही खोला खाता

जापान को शोता यमादा ने पहले ही मिनट में पेनल्टी पर गोल दागकर बढ़त दिलाई जबकि रेइकी फुजिशिमा (दूसरे मिनट), योशिकी किरिशिता (14वें मिनट), कोसेई कवाबे (35वें मिनट) और रयोमा ओका (41वें मिनट) ने भी गोल दागे. भारत की ओर से दिलप्रीत सिंह (17वें मिनट), उप कप्तान हरमनप्रीत सिंह (43वें मिनट) और हार्दिक सिंह (58वें मिनट) ने गोल किए. जापान ने अंतिम-4 के मुकाबले में शुरू से ही भारत पर दबाव बनाया. उसने पहले पांच मिनट में ही छह पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए. इन हमलों का उसे फायदा मिला और पहले क्वार्टर में ही उसने दो गोल की बढ़त बना ली.

दूसरे क्वार्टर में भारत ने पलटवार किया. लेकिन जापान के डिफेंस ने उसे कामयाब नहीं होने दिया. लेकिन दिलप्रीत सिंह ने जापानी डिफेंस में सेंध लगाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में दाखिल कर दिया. इसके बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर के रूप में बढ़िया मौका मिला था लेकिन भारतीय टीम नाकाम रही. दूसरे क्वार्टर में जापान ने रैफरल के जरिए पेनल्टी स्ट्रोक बटोरा और इसे भुनाया. इससे उसकी बढ़त 3-1 की हो गई.

भारत हाफ टाइम तक इस अंतर का पाट नहीं पाया. हाफ टाइम तक भारतीय टीम केवल एक ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर पाई. वहीं जापान ने इस दौरान छह कॉर्नर कमाए. लेकिन गोल पर शॉट्स के मामले में जापानी टीम आगे रही और इसी के दम पर उसे बढ़त मिली.

आखिरी क्वार्टर में भारत ने लगाया जोर

दूसरे हाफ में जापान ने भारत की बराबरी की उम्मीदों को कामयाब नहीं होने दिया. उलटे चौथे हाफ में लगातार दो गोल दागकर अपनी बढ़त को 5-1 कर दिया. इससे मैच लगभग भारत के हाथ से निकल गया. आखिरी मिनटों में भारतीय खिलाड़ी जागे. मैच में जब आखिरी सात मिनट बचे थे तब हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागा. इसके बाद मैच में 68 सैकंड बाकी रहने पर हार्दिक सिंह ने भी पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया. हालांकि इससे केवल गोल का अंतर ही कम हुआ.

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