महाविद्यालय के आंतरिक विवाद में छात्रों का नुकसान
दस्तावेज न मिलने पर छात्रों ने किया आंदोलन, विद्यालय को लगाया ताला

* मामला पहुंचा पुलिस स्टेशन
चांदुर रेलवे/दि.14 – स्व. मदनगोपाल मुंदड़ा (अशोक) कला, वाणिज्य व विज्ञान महाविद्यालय में प्राचार्य, प्राध्यापक और संचालक मंडल के बीच चल रहे आंतरिक विवाद का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. लंबे समय से कॉलेज प्रशासन में चल रहे विवाद के कारण छात्रों को आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनका शैक्षणिक और करियर संबंधी नुकसान हो रहा है. दस्तावेज नहीं मिलने से परेशान छात्रों ने कॉलेज के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया और मामला चांदूर रेल्वे पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया. पुलिस की मध्यस्थता के बाद फिलहाल मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ है.
जानकारी के अनुसार, अमरावती, यवतमाल और अकोला में आयोजित पुलिस भर्ती में शामिल होने जा रहे छात्रों को कॉलेज से मार्कशीट और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं मिल रहे थे. इससे नाराज छात्रों ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी समस्या बताई. इस पर पुलिस निरीक्षक अजय आकरे ने छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए प्रा. डॉ. जयंत कारमोरे को तत्काल बोनाफाइड प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए. इसके बाद कॉलेज की रसीदों की जांच कर छात्रों को बोनाफाइड प्रमाणपत्र जारी किए गए, जिससे नितिन राठोड़, मुकेश जाधव, विशाल निबरट, किशोर चौधरी, सूरज मोहकार और सम्यक वाघमारे जैसे छात्र पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए रवाना हो सके.
* प्रशासक के पास रिकॉर्ड, कॉलेज को नहीं मिला चार्ज
प्रा. डॉ. जयंत कारमोरे ने बताया कि प्रशासक ने 19 जनवरी को कॉलेज का चार्ज और रिकॉर्ड अपने पास लिया था, लेकिन अब तक उन्हें वापस नहीं दिया गया है. उन्होंने इस कार्रवाई के खिलाफ 29 जनवरी को नागपुर न्यायालय में याचिका दायर की, जहां से उन्हें स्थगन आदेश (स्टे) मिला है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशानुसार वे कॉलेज में कार्यरत हैं और छात्रों को बोनाफाइड प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उनका नुकसान न हो.
* छात्रों ने लगाया सहयोग नहीं मिलने का आरोप
छात्रों का आरोप है कि उन्होंने कई बार कॉलेज प्रशासन से मार्कशीट और अन्य प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया. छात्रों ने कहा कि यह उनके भविष्य का सवाल है, लेकिन कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला. पुलिस की मध्यस्थता के बाद छात्रों को बोनाफाइड प्रमाणपत्र मिल सके, जिससे वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सके. हालांकि, कॉलेज में चल रहा प्रशासनिक विवाद अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, जिससे छात्रों में चिंता का माहौल बना हुआ है.





