शिवनेरी पर पहले ही भाषण में भावुक हुई सुनेत्रा पवार
भरी हुई आवाज में महाराष्ट्र को दिया विचारों पर अडिग रहने का वचन

जुन्नर (पुणे)/दि.19 – शिवजयंती के अवसर पर ऐतिहासिक किल्ले शिवनेरी से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अपना पहला सार्वजनिक भाषण दिया. संबोधन के दौरान वे भावुक हो गईं और महाराष्ट्र को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों पर चलने का वचन दिया. उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मभूमि पर उपस्थित होना उनके जीवन का गौरवपूर्ण और अत्यंत भावनात्मक क्षण है. शिवजयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि स्वराज्य, स्वाभिमान और सुशासन के संकल्प को मजबूत करने का दिन है.
अपने शपथ ग्रहण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में शपथ लेते समय उनके सामने राजमाता जिजाऊ की छवि थी. उन्होंने कहा कि जिजाऊ ने केवल शिवाजी महाराज को जन्म नहीं दिया, बल्कि स्वराज्य का विचार, संस्कार और संघर्ष की प्रेरणा दी. उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके मावलों को नमन करते हुए कहा कि हम सभी शिवराय के मावले हैं और उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है.
अपने संबोधन के अंत में सुनेत्रा पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, शिव, शाहू, फुले और आंबेडकर के विचारों की जो परंपरा हमें मिली है, उसे मैं कभी नहीं छोड़ूंगी. शिवजयंती की साक्षी में मैं यह शब्द देती हूं. उपमुख्यमंत्री बनने के बाद शिवनेरी से दिया गया यह पहला भाषण केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि वैचारिक और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में नए संकेत माने जा रहे हैं.





