स्वातंत्र्यवीर सावरकर को दिया जाए ‘भारतरत्न’
विधान मंडल में पहली बार उठी मांग

* संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दिखाया सकारात्मक रुख
मुंबई /दि.26- स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर को मरणोपरांत ‘भारतरत्न’ अलंकरण से सम्मानित किए जाने की मांग विगत लंबे समय से की जा रही है. खास बात यह है कि, देश में विगत 10 वर्षों से अधिक समय से सावरकर के हिंदुत्ववादी विचारों पर आस्था रखनेवाली सरकार केंद्र सहित राज्य की सत्ता में है. लेकिन इसके बावजूद अब तक वि. दा. सावरकर को भारतरत्न से सम्मानित नहीं किया जा सका है. जबकि भाजपा के मातृ संगठन रहनेवाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शतकोत्सवीर समारोह में खुद सरसंघचालक मोहन भागवत ने सावरकर को ‘भारतरत्न’ से अलंकृत किए जाने का मुद्दा उठाया था. वहीं आज वि. दा. सावरकर की पुण्यतिथि का औचित्य साधते हुए विधान परिषद में भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने इस मुद्दे को उठाने के साथ ही कहा कि, आज स्वातंत्र्यवीर सावरकर की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें ‘भारतरत्न’ अलंकरण प्रदान किए जाने के संदर्भ में प्रस्ताव पेश करते हुए उस प्रस्ताव को सर्वसम्मती से पारित भी किया जाए. साथ ही साथ उस प्रस्ताव को संसदीय कार्य मंत्री द्वारा केंद्र सरकार के पास भेजा जाए. खास बात यह रही कि, विधायक प्रसाद लाड द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल की ओर से भी सकारात्मकता दिखाई गई.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, राज्य विधान मंडल में स्वातंत्र्यवीर सावरकर को ‘भारतरत्न’ प्रदान किए जाने का मुद्दा पहली बार उठाया गया है. जिस पर सरकार की ओर से सकारात्मकता भी दर्शाई गई है. संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल द्वारा स्पष्ट किया गया कि, इस प्रस्ताव को सभापति के समक्ष रखा जाएगा. जिसके बाद सदन में इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा. ज्ञात रहे कि, स्वातंत्र्यवीर सावरकर को ‘भारतरत्न’ दिए जाने की मांग विगत कई वर्षों से की जा रही है. वहीं केंद्र सरकार द्वारा इससे पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि, स्वातंत्र्यवीर सावरकर को ‘भारतरत्न’ देने के संदर्भ में किसी भी तरह की सिफारिश करने कोई जरुरत नहीं है. क्योंकि यह अलंकरण बिना किसी सिफारिश से दिया जाता है और इसके बारे में योग्य समय पर निर्णय भी लिया जाता है.





