एकेडमी स्कूल परिसर से 10 मवेशियों को किया मुक्त
कटाई के लिए बेरहमी से बांधकर रखे गए थे

* क्राइम ब्रांच के दल की बड़ी कार्रवाई
अमरावती /दि.9 – अमरावती शहर के क्राइम ब्रांच के दल ने मिली जानकारी के आधार पर एकेडमी स्कूल परिसर में छापा मारकर बूचडखाना ले जाकर कटाई करने के लिए बेरहमी से बांधकर रखे गये 10 मवेशियों को जीवनदान दिया. आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है. नागपुरी गेट थाने में पुलिस ने मामला दर्ज किया है. सभी मवेशियों को गोरक्षण पहुंचाया गया है.
जानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच के निरीक्षण संदीप चव्हाण को जानकारी मिली थी कि, गवलीपुरा निवासी वाजिद कुरैशी मवेशियों को कत्ल के लिए लाया है और उन्हें एकेडमी स्कूल के पीछे झाड़ियों में बांधकर रखा गया है. सूचना की पुष्टि के बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण और सहायक पुलिस निरीक्षक महेश इंगोले के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम पंचों के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस टीम ने देखा कि एक व्यक्ति मवेशियों को कटाई के लिए ले जाने की तैयारी कर रहा था. पुलिस ने उसे घेरने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी देखते ही आरोपी मवेशियों को वहीं छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए गवलीपुरा की गलियों से फरार हो गया. पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं लगा. मौके से गाय, बैल और बछड़ों सहित कुल 10 मवेशी बरामद किए गए. इन मवेशियों की अनुमानित कीमत 2 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मवेशियों को निर्दयतापूर्वक बांधकर रखा गया था, जिससे वे काफी समय से भूखे-प्यासे और भयभीत थे. फरार आरोपी वाजिद उर्फ वज्जू कुरैशी के खिलाफ महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम, 1976 की धारा 5 (क) और 5 (ख) तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (1) (ग) के तहत अपराध दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है. बचाए गए सभी मवेशियों को दस्तूर नगर स्थित गौ संरक्षण संस्था में संरक्षण और उपचार के लिए भेज दिया गया है, जहां उनकी देखरेख की जा रही है. यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे, पुलिस उपायुक्त श्याम घुगे, पुलिस उपायुक्त रमेश धूमल तथा सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) शिवाजी बचाटे के मार्गदर्शन में की गई. इस अभियान में पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण, सहायक पुलिस निरीक्षक महेश इंगोले के साथ पुलिस अनमलदार गजानन धेउले, अस्तिक देशमुख, मनोज थोसर, मंगेश परिमल, मिर्जा नईम बेग, विशाल वकपंजर और योगेश पवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. क्राइम ब्रांच की तत्परता से 10 बेजुबान मवेशियों की जान बच सकी, जिसकी शहर में सराहना की जा रही है.





