श्री रांदल माता रानी के 108 चौकी की श्रद्धा, संस्कृति और संगठन की अद्भुत मिसाल

श्री लोहाणा महापरिषद का सराहनीय उपक्रम

* अलौकिक रहा धार्मिक अनुष्ठान
अमरावती/दि.29 -धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश देते हुए एवं सेवा,संगठन समर्पण के भाव से श्री लोहाणा महापरिषद विदर्भ महिला विभाग के तत्वावधान में श्री लोहाणा महापरिषद के अध्यक्ष सतीश भाई विठलाणी के नेतृत्व मे एवं अध्यक्ष ट्रस्टी रश्मीबेन विठलाणी के प्रोत्साहन से श्री रांदल माता रानी की सामूहिक 108 चौकी का भव्य एवं दिव्य आयोजन श्री रांदलधाम महेश भवन, अमरावती में अत्यंत श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ. यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि समाज को संगठित करने वाला एक प्रेरणादायी पर्व भी सिद्ध हुआ.
माता रांदल की कृपा से आयोजित इस पावन अवसर पर लोहाणा समाज सहित विभिन्न वर्गों के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया. आयोजन स्थल पर दिनभर भक्ति, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी प्रवाहित होती रही.
कार्यक्रम के शुभारंभ सतीश महाराज दुर्ग द्वारा वैदिक विधि-विधान उच्चारण, कलश स्थापना की गई. अध्यक्ष शीला पोपट एवं रश्मी रायचुराने रांदल मां की पवित्र मुख्य ज्योति का प्रज्वलन व पूजन किया. सतीश महाराज दुर्ग एवं महेश भाई जोशी दोनो विद्वान पंडितों द्वारा शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार के साथ 108 चौकियों का क्रमबद्ध पूजन किया गया. प्रत्येक चौकी माता रांदल के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का प्रतीक बनी.
सामूहिक 108 चौकी मे दो, चार, छह, दस चौकी के लिए माता रानी को अर्जी लगाकर अलग अलग यजमानों ने अनुष्ठान किया था. जिसमें आयोजन समिती की और से 32 चौकी का संकल्प किया गया था. जिसके आथिक सहयोगी मुख्य यजमान अरुणा प्रकाशभाई चांदराणी थे. उसी तरह अनुष्ठान में दो चौकी के लिए शीला पोपट, दौ चौकी ज्योतिबेन ठक्कर, दो चौकी कविताबेन करिया, यवतमाल, दो चौकी शीलाबेन हिडोचा, यवतमाल, दो चौकी अलकाबेन पलान, नागपुर, दो चौकी सोनलबेन ठक्कर, अकोला, दो चौकी जयश्रीबेन ठक्कर,नागपुर, दस चौकी चहेक निकिता पोपट, छह चौकी जयेशभाई सेठिया, दो चौकी मयूरीबेन सेठिया, चार चौकी रंजनबेन करिया, चार चौकी नेहलबेन चावड़ा, दस चौकी दिव्या जयेश गनात्रा, दो चौकी दिपा लाठीया परिवार, छह चौकी सोनल खंडेडिया, छह चौकी अंजलीबेन बगडाई, दो चौकी पुर्वा गणात्रा कारिया, दो चौकी मनिषा आडतीया, दो चौकी नेहा हिंडोचा, छह चौकी नेहा शाह आदि यजमान थे. 108 चौकियों को अत्यंत सुंदर एवं अनुशासित ढंग से सजाया गया था. चौकियों पर सजी रांदल माता की प्रतिमा को पुष्प, दीप, नैवेद्य एवं श्रृंगार सामग्री अर्पित की गई.
* भक्ति, भजन और मातृशक्ति की सशक्त भागीदारी
आयोजन के दौरान माता रानी के भजन, कीर्तन एवं जयघोष से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बन गया. जय माता दी के जयकारों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा. सतीश महाराज दुर्ग…महेशभाई एवं वाद्य वृंद टिम द्वारा प्रस्तुत संगीत मय गरबा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया.
पूजन विधि, महाआरती के बाद 108 चौकी मे दो चौकी की चौदह सुहागीन ऐसे 108चौकी की सात सौ छप्पन सुहागीन की पुजन विधी करके महप्रसाद परोसा गया. पधारे सभी भाविक भक्तों नेने अनुशासन के साथ महाप्रसादी भोजन ग्रहण कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया. रांदल मां 208 चौकी के महाप्रसाद के लिए आर्थिक सहयोगी मुख्य यजमान अनुपमाबेन गढीया नागपुर थे. भोजन प्रसादी पश्चात दोपहर के सत्र मे रांदल के मां प्रागट्य कि कथा सतीश महाराज ने अपने मधुर वाणी मे सुनाई.
धार्मिक आयोजन में महेशभाई कारीया, चिक्की नागपुर, अनुपमाबेन गढीया नागपुर, सुरेशभाई सेजपाल आकोट, मनोजभाई चंदाराणा, भावेशभाई तन्ना, हितेशभाई तन्ना सहित विविध स्थान से भक्तगण पधारे थे.

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