जीएमसी के दूसरे वर्ष में भी प्राध्यापकों का बैकलॉग कायम
महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड रहा असर

* मेडिकल विद्यार्थियों की पढाई हो रही प्रभावित
अमरावती/दि.31– दो वर्ष पहले अमरावती में शुरु हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में पढ रहे भावी डॉक्टरों के शैक्षणिक भविष्य को इस समय खतरे में कहा जा सकता है. क्योंकि महाविद्यालय में प्राध्यापक, सहयोगी प्राध्यापक व सहायक प्राध्यापक के कई पद रिक्त पडे है. साथ ही महाविद्यालय से संलग्निक अस्पताल हेतु आवश्यक डॉक्टर व नर्सिंग स्टॉफ के भी पद रिक्त रहने की जानकारी है. करीब 75 फीसद पद रिक्त रहने का सीधा परिणाम वैद्यकीय शिक्षा की गुणवत्ता पर पड रहा है.
बता दें कि, इस समय अमरावती के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का द्वितीय वर्ष पाठ्यक्रम शुरु है. जिसके चलते सरकारी मंजूरी के अनुसार महाविद्यालय को आवश्यक मनुष्यबल मिलना अपेक्षित था, परंतु सरकार की ओर से अब तक महाविद्यालय को जरुरी प्राध्यापकों की संख्या उपलब्ध नहीं हो पाई है. दो वर्षों के दौरान इस महाविद्यालय में 16 प्राध्यापकों की नियुक्ति आवश्यक रहते समय प्रत्यक्ष में केवल 5 प्राध्यापकों की ही नियुक्ति हो पाई है और 11 पद रिक्त पडे है. इसी तरह सहयोगी प्राध्यापकों के 23 में से 8 तथा सहायक प्राध्यापकों के 37 में से 15 पद रिक्त पडे है. जिसके चलते विद्यार्थियों की पढाई-लिखाई व प्रात्यक्षिक प्रशिक्षण पर इसका परिणाम हो रहा है. इसके साथ ही महाविद्यालय के प्रशासकीय व तांत्रिक कामकाज हेतु आवश्यक रहनेवाले वर्ग 3 के कर्मचारियों के पद भी रिक्त पडे है. जिसके परिणामस्वरुप दैनंदिन कामकाज हेतु उपलब्ध रहनेवाले कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ पड रहा है और सेवा आपूर्ति में दिक्कत पैदा हो रही है.
* नर्सिंग स्टॉफ का भी अनुशेष
महाविद्यालय व संलग्नित अस्पताल हेतु एक अधिसेविका, एक सहायक अधिसेविका, 29 परिसेविका व 231 अधिपरिचारिका ऐसे 262 पद मंजूर है. जिसमें से केवल 40 पदों पर भर्ती हुई है तथा 222 पद रिक्त पडे है.
* अस्पताल हेतु आवश्यक पद
महाविद्यालय के साथ सरकारी अस्पताल का संलग्न होना भी आवश्यक होता है. जहां पर वैद्यकीय अधीक्षक, उपवैद्यकीय अधीक्षक, वैद्यकीय अभिलेख अधिकारी व प्रशासकीय अधिकारी की नियुक्ति जरुरी है. परंतु चारों पद रिक्त पडे है. इसके साथ ही 7 निवासी वैद्यकीय अधिकारी अपेक्षित रहने के बावजूद केवल 4 पद ही भरे गए है. इसके अलावा जीवरसायन शास्त्रज्ञ व क्लिनिकल सायकोलॉजिस्ट के पद भी रिक्त है. जिसके चलते इन पदों को तत्काल भरना बेहद आवश्यक है.
इस समय अमरावती जीएमसी का दूसरा वर्ष चल रहा है, परंतु हमारे पास आवश्यक मनुष्यबल की काफी किल्लत है. ऐसे में रिक्त पदों को तत्काल भरने हेतु सरकारी स्तर पर लगातार संपर्क करते हुए आवश्यक प्रयास किए ेजा रहे है.
– डॉ. नंदकिशोर राऊत
अधिष्ठाता, अमरावती जीएमसी.