घरकुल लाभार्थी अंतिम किश्त नहीं मिलने से आर्थिक संकट में

4 माह से अंतिम किश्त व शौचालय अनुदान लंबित

वरूड/दि.6 – सरकार के ग्राम विकास एवं पंचायत राज विभाग द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वरूड तहसील में हजारो लाभार्थियों के घरकुल निर्माण किए जा रहे हैं. इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को कुल 1 लाख 20 हजार रूपए की अनुदान राशि चार चरणों में डीबीटी (डायरेक्ट बैनिफिट ट्रांस्फर) के माध्यम से बैक खाते में जमा की जाती हैं. योजना के अनुसार पहला, दुसरा और तीसरा हप्ता समय पर लाभार्थियों के खातो में जमा हो चुका हैं.
चौथा (अंतिम) हप्ता 5 हजार रूपए तथा स्वच्छ भारत मिशन अंतगर्र्त शौचालय निर्माण के 12 हजार रूपए पिछले चार महिनो से जमा नही हुए जिससे तहसील के हजारों घरकुल लाभार्थी आर्थिक संकट में फसे हुए हैं. लाभार्थियों को कहना हैं कि उन्होंने कर्ज लेकर घरकुल का निर्माण पूरा किया हैं. लेकिन अंंतिम किश्त व शौचालय की राशि न मिलने से वे भारी परेशानी में हैं. इसलिए सभी लाभार्थियों ने मांग की हैे कि चौथा हप्ता और शौचालय अनुदान की राशि उनके खातो में तत्काल जमा की जाए.

* वरिष्ठ अधिकारियो के स्तर पर तकनीकी अडचण
लाभार्थियों को पूर्ण सहयोग देते हुए पंचायत समिति में लगातार फॉलोअप लिया जा रहा हैं. वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर तकनीकी अडचण के कारण राशि जमा नहीं हो पाई हैं.
अनुप बोंदरे
रोजगार सेवक, ग्राम पंचायत बेनोडा शहीद

* पंचायत समिति को भेजा प्रस्ताव
ग्राम पंचायत की ओर से सभी लाभार्थियों का प्रस्ताव व संपूर्ण फॉलोअप पंचायत समिति वरूड को भेजा गया हैं. ग्राम पंचायत स्तर पर कोई अडचन नहीं हैें. संभावत: वरिष्ठ स्तर पर कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई हैं.
सतीश गिरी
सचिव, ग्राम पंचायत बेनोडा शहीद

* लग सकता हैं थोडा समय
घरकुल लाभार्थियोें की अंतिम किश्त और शौचालय की राशि आगे -पिछे जमा हो जाएंगी. इसमें थोडा समय लग सकता हैं.
खुशाल पिल्लार
गुट विकास अधिकारी पस वरूड

* वर्तमान में निधी कीें कमी
वर्तमान में निधी उपलब्ध नहीं होने के कारण राशि जमा नहीं हो पा रहीं हैं. निधी प्राप्त होते ही लाभार्थियों के खातो में अंतिम किश्त व शौचालय की राशि जमा कर दी जाएंगी
सर्वेश मोर्चापुरे
अभियंता निर्माण कार्य विभाग पस. वरूड

* दुकानदार कर रहे पैसो की मांग
पिछले चार महीनों से घरकुल की अंतिम किश्त और शौचालय के पैसे नहीं मिले हैं. ग्राम पंचायत और पंचयात समिति के चक्क काट-काटकर लाभार्थी थक चुके हैं. उन्होंने कर्ज लेकर घर बनाया हैं. और अब लोहा, सिमेंट, गिट्टी व रेत के दुकानदार लगातार पैसो की मांग कर रहें हैं अंतिम किश्त व शौचालय की राशि शीघ्र उनके बैक खाते में जमा की जाए
राजेंद्र घारड
लाभार्थी बेनोडा शहीद

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