राहुल के खिलाफ सबूत वाली सीडी निकली ‘ब्लैंक’
पुणे कोर्ट में बड़ा ट्विस्ट, वकील भी हैरान

पुणे/दि.29- स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की कथित मानहानि मामले में गुरुवार को पुणे की विशेष अदालत में उस समय बड़ी नाटकीय स्थिति निर्माण हुई, जब कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मानहानि मामले में सबूत के तौर पर दर्ज की गई सीलबंद सीडी को कोर्ट में चलाए जाने पर पूरा वीडियो गायब मिला और उक्त सीडी पूरी तरह ब्लैंक साबित हुई, जिसके बाद अदालत कक्ष में अफरा-तफरी और तीव्र बहस का माहौल बन गया. जिसके चलते शिकायतकर्ता और सावरकर के प्रपौत्र सत्यकी सावरकर की ओर से पेश हुए वकील भी इस घटनाक्रम से हक्के-बक्के रह गए. उनका कहना था कि इसी सीडी के आधार पर ही दक्षिणपंथी नेता की शिकायत पर कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन्स जारी किया था, ऐसे में ब्लैंक सीडी सामने आना बेहद गंभीर और चौंकाने वाला है.
* 2019 के भाषण को लेकर मामला
शिकायत में आरोप है कि वर्ष 2019 में लंदन में दिए गए भाषण में सांसद राहुल गांधी ने विनायक दामोदर सावरकर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उसी कथित भाषण की रिकॉर्डिंग वाली सीलबंद सीडी पहले ही कोर्ट में जमा कराई गई थी. इसी सीडी पर आगे सुनवाई चल रही थी. गुरुवार को न्याय दंडाधिकारी अमोल शिंदे की अदालत में सत्यकी सावरकर की मुख्य जिरह चल रही थी. जब अदालत में सीडी चलाकर जांच की गई तो उसमें एक भी डेटा न होना सामने आया. इसके बाद वकील संग्राम कोल्हटकर ने कोर्ट से कहा कि राहुल गांधी के वही कथित भाषण यू-ट्यूब लिंक के जरिए चलाकर देखा जाए. लेकिन राहुल गांधी की ओर से पेश वकील मिलिंद पवार ने इसका कड़ा विरोध किया. अदालत ने आपत्ति स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया. यू-ट्यूब लिंक को भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सेक्शन 65-इ के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र के बिना साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता. यानी कोर्ट ने यू-ट्यूब लिंक चलाने की मांग भी ठुकरा दी.
* अतिरिक्त सीडी पेश करने की मांग भी नामंजूर
कोल्हटकर ने आगे दो और अतिरिक्त सीडी पेश कर उन्हें जांचने की भी अनुमति मांगी. लेकिन राहुल गांधी की ओर से फिर विरोध दर्ज किया गया और कोर्ट ने भी कहा कि रिकॉर्ड में ऐसी अतिरिक्त सीडी का कोई उल्लेख ही नहीं है. इसलिए अतिरिक्त सीडी चलाने का अनुरोध भी खारिज कर दिया.
* सुनवाई स्थगित, ब्लैंक सीडी पर न्यायिक जांच की मांग
सीडी ब्लैंक निकलने से तक्रारदार पक्ष पर बड़ा झटका लगा है. कोल्हटकर ने सीलबंद सीडी के खाली हो जाने के रहस्य पर न्यायिक जांच की मांग की और सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया. अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब अगली सुनवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है. साथ ही सीडी ब्लैंक निकलने के बाद केस की दिशा बदलने की संभावना जताई जा रही है.





