मध्यान्ह भोजन योजना का खर्च मुख्याध्यापकों पर भारी
चार माह से अनुदान बकाया

अमरावती/दि.6 – केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन के लिए मिलने वाला अनुदान पिछले चार महीनों से लंबित होने के कारण स्कूलों के मुख्याध्यापको पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है.
स्थानीय निकायों और निजी सहायता प्राप्त विद्यालयों में इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रतिदिन स्कूल में भोजन उपलब्ध कराया जाता है. योजना के लिए आवश्यक अनाज और अनाज आधारित सामग्री सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन भोजन पकाने के लिए आवश्यक ईंधन, सब्जी और पूरक आहार के खर्च की सब्सिडी समय पर नहीं मिलने से स्कूल प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष विद्यालय प्रबंधन समितियों को तीन महीने की अग्रिम राशि दी गई थी. इसी आधार पर इस वर्ष भी अग्रिम निधि मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इस बार न तो अग्रिम राशि मिली और न ही मासिक खर्च का भुगतान हुआ. परिणामस्वरूप कई विद्यालयों में मुख्याध्यापकों को अपने स्तर पर खर्च वहन करना पड़ रहा है.
योजना के तहत कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों के लिए प्रति छात्र 2.59 रुपये तथा कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए 3.88 रुपये की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है. यह राशि महीने के अंत में विद्यालय प्रबंधन समिति को दी जाती है, लेकिन नवंबर से यह अनुदान लंबित है. इसके अलावा पिछले दो वर्षों से सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को अंडा या केला देने की व्यवस्था भी थी, जिसे इस वर्ष योजना से हटा दिया गया है. चार महीने से अनुदान नहीं मिलने के कारण स्कूलों के मुख्याध्यापकों को भोजन योजना के लिए अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सरकार से मांग की है कि विद्यार्थियों की इस महत्वपूर्ण योजना का लंबित अनुदान जल्द जारी किया जाए, ताकि विद्यालयों पर पड़ रहा आर्थिक बोझ कम हो सके.





