जिले की आबादी 30 लाख और शासकीय एंबुलंस केवल 31

समय पर अस्पताल में पहुंचाना होता है कठिन

* घंटो करनी पडती है प्रतिक्षा
अमरावती/दि.26 – स्वास्थ्य क्षेत्र में 108 गंभीर रोगियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस की संख्या बहुत ज़रूरी है. हालांकि, जिले की जनसंख्या 30 लाख है और यहाँ केवल 31 एम्बुलेंस हैं. इस वजह से मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाती. कई बार मरीजों को निजी एम्बुलेंस की मदद लेनी पड़ती है. इसलिए एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने की मांग है. इस वर्ष जिले में 108 एम्बुलेंस ने लगभग 24 हजार मरीजों की सेवा की है.
108 नंबर की एम्बुलेंस बीमारों को उचित इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने में मदद कर रही है. हालांकि, जनसंख्या के मुकाबले एम्बुलेंस की संख्या कम है. जिले के ग्रामीण इलाकों से प्रतिदिन सैकड़ों मरीज जिला अस्पताल (इरविन) भेजे जाते हैं. कई बार गंभीर मरीजों को नागपुर रेफर किया जाता है. इसलिए, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी 108 नंबर की एम्बुलेंस पर है. ऐसे में समय पर एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनकी संख्या बढ़ाना जरूरी है.

* छह एम्बुलेंस में वेंटिलेटर की सुविधा
31 एम्बुलेंस में से केवल 6 में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की सुविधा है. इनमें से अमरावती, अचलपुर, वरुड, धारणी, चूर्णी और धामनगांव रेलवे स्टेशन पर एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध है. इस वजह से, वेंटिलेटर पर मौजूद मरीज को नागपुर ले जाने के लिए समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती है.

* आपको निजी एम्बुलेंस के लिए भुगतान करना होगा
सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीज आम हैं. हालांकि 108 एम्बुलेंस सेवा मुफ्त है, लेकिन मरीजों की कम संख्या के कारण, कई बार मरीजों को नागपुर रेफर किए जाने क

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