परिवर्तन साहित्य संमेलन में सत्यशोधक कविताओं की गूंज
कवियों ने सामाजिक जागरूकता व परिवर्तन के विचारों को किया प्रभावी रुप से प्रस्तुत

अमरावती/दि.28 – सामाजिक परिवर्तन परिषद अमरावती, श्री माळी वैभव नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में विदर्भ माली क्षत्रिय बोर्डिंग के वर्हेकर सभागृह (मुधोलकर पेठ) में दो दिवसीय परिवर्तन साहित्य सम्मेलन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ.
मनोहरराव चलपे (संचालक, माली वैभव नागपुर) की अध्यक्षता में आयोजित सत्यशोधक कवि सम्मेलन में कवियों ने सामाजिक जागरूकता और परिवर्तन के विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. इस अवसर पर प्रवीण कांबले ने सावित्रीबाई फुले के कार्यों पर आधारित ‘क्रांतिमा’ कविता प्रस्तुत की. अविनाश गोंडाणे ने वर्तमान युद्ध परिस्थितियों से मानवता पर पड़ रहे प्रभाव को उजागर किया, जबकि प्रा. देवानंद पाटील ने एकता का संदेश दिया. कवयित्री शारदा गणोरकर, पल्लवी मते, नाना रमतकार, दीपिका पांडे, प्रा. हंसराज रंगारी, रिजवान शेख, शालिनी बेलसरे और राजेश्वरी नंदागवली सहित अन्य कवियों ने बुद्ध, फुले, शाहू, आंबेडकर विचारधारा, भारतीय संविधान, लोकतंत्र, किसानों और मजदूरों की समस्याओं जैसे विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं. अध्यक्ष मनोहरराव चलपे ने सभी कवियों की वैचारिक परिपक्वता की सराहना की. कार्यक्रम का संचालन शारदा गणोरकर ने किया. सम्मेलन के दौरान परिसंवाद, नाट्य प्रस्तुति, प्रबोधनात्मक प्रवचन और भावगीत कार्यक्रमों ने श्रोताओं को आकर्षित किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों ने उपस्थित रहकर कविताओं का आनंद लिया.





