दो साल के बाद ‘इर्विन’ के प्रयोगशाला को मिले उपकरण

आठ दिन में होंगे कार्यान्वित

* मनुष्यबल की संख्या बढी
अमरावती/दि.3 जिला सामान्य अस्पताल में स्थापित एकीकृत सार्वजनिक प्रयोग शाला (केंद्रीय प्रयोग शाला) जो दो साल बाद पूरी तरह से चालू होने जा रही है. इस प्रयोग शाला के लिए सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं. अस्पताल ने सूचित किया गया है कि मशिनरी उपलब्ध करा दी गई हैं. कर्मचारियों की संख्या में ही कुछ हद तक वृध्दि की गई हैं. इसलिए प्रयोगशाला आगामी 8 दिनों में चालू हो जाएगी.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिला अस्पताल में सभी बिमारी का निदान एक ही स्थान पर करने तथा मरिजों को तत्काल उपचार सेवा मिलने के लिए एकात्मिक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोग शाला मंजूर की थी. इसके लिए 1.25 करोड रुपए की निधि भी स्विकृत की गई. इस प्रयोगशाला का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी 2024 को ऑनलाइन किया था. लेकिन इस प्रयोगशाला में आवश्यक मशिनरी और कर्मचारियों की कमी थी. इसलिए पिछले दो सालों से वहीं परीक्षण पुरानी प्रयोग शाला में किए जा रहे थे.

* यह परीक्षण किए जाएंगे लैब में
एकीकृत जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला में क्लिनीकल पैथेलॉजी, हिमेटोलॉजी, सायटोलॉजी, बायो केमिस्ट्री, मायक्रोबायोलॉजी अंतर्गत आनेवाली सीबीसी, एचबीसी, सिकलसेल, स्वैब, थूक और मल ऐसे सभी प्रकार के परीक्षण, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टीबी तथा कोरोना समेत 118 तरह की जांच इस केंद्रीय प्रयोगशाला में होनेवाली हैं.

* महालैब की जरूरत नहीं
इर्विन में जो भी परीक्षण नहीं किए जा रहे है, वे सभी महालैब में किए जा रहे हैं. हालांकि एक बार एकिकृत स्वास्थ्य प्रयोगशाला पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद मरीजों के नमुनों को महालैब भेजने की कोई आवश्यकता नहीं होगी. वर्तमान में प्रयोगशाला में चार तकनीशियन, जिला सरकारी मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टर और एनएचएम के दो तकनीशियन कार्यरत हैं.

* सभी उपकरण उपलब्ध
प्रयोगशाला में उपकरणों के कमी के कारण हार्मोन परीक्षण, सिकलसेल परीक्षण और प्रजनन क्षमता परीक्षण नहीं किए जा रहे थे. अब जब सभी उपकरण प्राप्त हो गए हैं, तो यह प्रयोगशाला आगामी 8 दिनों में पूरी तरह से चालू हो जाएगी.
– डॉ. अमित क्षार,
लैब प्रमुख, जिला अस्पताल

Back to top button