उम्मीदवारों के प्रचार पर हुए खर्च का मांगा अंतिम ब्यौरा
चुनावी प्रचार आयोग की पैनी नजर

* सात जोन के अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
अमरावती/ दि. 21 – अमरावती महानगर पालिका चुनाव संपन्न होने के बाद अब उम्मीदवारों के चुनावी प्रचार खर्च की विधिवत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. राज्य निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देशों के तहत मनपा चुनाव कार्यालय ने सभी उम्मीदवारों के प्रचार पर किए गये खर्च का अंतिम प्रमाणित विवरण अनिवार्य रूप से जमा कराने के आदेश जारी किए हैं.
इस सिलसिले में शहर के सभी सात जोन अधिकारियों को पत्र भेजकर खर्च विवरण एकत्र करने और उसकी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये है. निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को खर्च सीमा के भीतर रहकर ही चुनाव प्रचार करना होता है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक खर्च छिपाना, गलत या अधूरा विवरण देना अथवा तय सीमा से अधिक खर्च करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे मामलों में संबंधित उम्मीदवार को नोटीस जारी करने के साथ आर्थिक दंड लगाया जा सकता है. और गंभीर स्थिति में निर्वाचन अयोग्यता तक की कार्रवाई भी संभव है. चुनाव कार्यालय ने बताया कि खर्च विवरण की केवल औपचारिक नहीं, बल्कि दस्तावेजी और भौतिक जांच की जाएगी. प्रचार के दौरान उपयोग किए गये वाहनों, रैलियों जनसभाओं , बैनर- होर्डिंग्स, पंलेट, प्रचार सामग्री, सोशल मीडिया प्रचार तथा अन्य मदों में हुए खर्च का मिलान उपलब्ध रिकॉर्ड और साक्ष्यों से किया जाएगा. यदि खर्च में किसी प्रकार का अंतर पाया जाता है तो उम्मीदवारों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा. संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित प्रकरण को आगे की कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा . सातो जोन अधिकारियों को निेर्देशित किया गया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ जांच प्रक्रिया पूरी करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें. चुनावी नतीजो के बाद अब उम्मीदवारों के लिए आयोग के नियमों पर खरा उतरना एक बडी चुनौती बन गया है. खर्च का पूरा और सही हिसाब न देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है.





