‘वीआईपी कल्चर’ को खत्म कर आम लोगों का राज लाना है
पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता का कथन, ‘मंडल’ को दिया विशेष साक्षात्कार

- * बोले – हमने 90 के दशक में खत्म किया था वीआईपी कल्चर
* सन 99 के बाद पैदा हुए ‘वीआईपी’, अब तो ‘वीवीआईपी’ का चल रहा राज
* ‘लोकल पार्टी’ के सामने एक राष्ट्रीय दल का झुकना है शोकांतिकावाली स्थिति
अमरावती/दि.11 – सन 1990 के दशक में हमने अमरावती शहर से बडे-बडे नेताओं के आगे-पीछे घुमनेवाले ‘वीआईपी कल्चर’ को पूरी तरह से खत्म कर दिया था और सही मायनों में आम नागरिकों का राज चल रहा था. साथ ही पार्टी के कार्यकर्ताओं का पूरा आदर-सम्मान भी हुआ करता था. परंतु सन 1999 के बाद शहर में एक बार फिर ‘वीआईपी कल्चर’ का दौर शुरु हुआ, जो अब ‘वीवीआईपी कल्चर’ के दौर में तब्दील हो चुका है. परंतु ऐसे दौर में शिंदे गुट वाली शिवसेना ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें कोई ‘वीआईपी कल्चर’ नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है. जिसमें सभी कार्यकर्ताओं को पूरा मान-सम्मान देने के साथ ही आम नागरिकों के हितों को तवज्जो दी जाती है. ऐसे में हमारा पूरा प्रयास है कि, अमरावती महानगर पालिका में शिंदे गुट वाली शिवसेना की सत्ता लाई जाए, ताकि ‘वीआईपी कल्चर’ को पूरी तरह से खत्म करते हुए आम कार्यकर्ताओं व नागरिकों के राज को एक बार फिर कायम किया जा सके, इस आशय का प्रतिपादन शिंदे गुट वाली शिवसेना के नेता व पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता द्वारा किया गया.
दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता ने उपरोक्त प्रतिपादन करने के साथ ही यह भी कहा कि, इस समय शहर में बडी अजीबो-गरीब राजनीतिक स्थिति है और लोगबाग खुली आंखों से देख रहे हैं कि, एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी को अमरावती में एक ‘लोकल लेवल’ की पार्टी द्वारा अपने चंगूल में फांसकर पसीने छुडाए जा रहे है, यह उस राष्ट्रीय पार्टी के लिए काफी हद तक शर्मनाक स्थिति कही जा सकती है. उस पार्टी की यह स्थिति केवल इस वजह से हुई कि, पार्टी ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को दूर कर दिया और वह पार्टी पूरी तरह से ‘वीवीआईपी’ लोगों के मकडजाल में फंसकर रह गई है, जो जमीनी स्थिति का आकलन करने में पूरी तरह से असमर्थ है. वहीं दूसरी ओर जनता के सामने शिंदे गुट वाली शिवसेना का पर्याय भी है. जो पूरी तरह से आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है. जहां पर हर कार्यकर्ता को पूरी तवज्जो भी दी जाती है.
पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता के मुताबिक जिस पार्टी में जमीन से जुडे कार्यकर्ताओं का पूरा मान-सम्मान हो, उसी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा आम जनता को इंसाफ भी दिलाया जा सकता है. वहीं अपने कार्यकर्ताओं से कटी रहनेवाली पार्टियां अपने ‘वीआईपी कल्चर’ के चलते आम जनता के हितों से भी दूर रहती है. ऐसे में इस बार के मनपा चुनाव में अमरावती के नागरिकों ने आम नागरिकों के हितों को पूरी तरह से तवज्जो देनेवाली और अपने छोटे से छोटे कार्यकर्ता का सम्मान करनेवाली शिंदे गुट वाली शिवसेना के साथ खडे होना चाहिए.
* सभी प्रलंबित कामों को पूरा करने की प्रतिबद्धता भी दर्शायी
इस बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता ने कहा कि, सन 1997 के दौर में उनके मंत्रित्व कार्यकाल के दौरान अमरावती शहर के लिए भूमिगत गटर योजना मंजूर हुई थी. जिसका काम आज 27 साल बाद भी आधा-अधूरा और प्रलंबित पडा है. ऐसे में समझा जा सकता है कि, उनके बाद सत्ता में आए जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई काम नहीं किया गया. इसके साथ ही अमरावती शहर में विगत करीब 7 वर्षों से चित्रा चौक के उडानपुल का काम आधा-अधूरा पडा हुआ है और कोई नया काम शुरु करवाने की बजाए शहर के बीचोबीच स्थित राजकमल रेलवे उडानपुल को भी बंद करा दिया गया है. इसके चलते शहर के आम नागरिकों को काफी समस्याओं व दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. ऐसे में यदि अमरावती की जनता शिंदे गुट वाली शिवसेना को पूरे बहुमत के साथ अमरावती महानगर पालिका की सत्ता सौंपती है, तो पहली प्राथमिकता के साथ सभी प्रलंबित कामों को पूरा करवाते हुए महानगर के विकास हेतु नई परियोजनाएं भी शुरु की जाएंगी.





