सरकार बनाएगी कडा कानून
विधानसभा में गूंजा चंद्रपुर के किसान कंबोडिया में किडनी बेचने का मामला

* मंत्री भोयर ने दिया सदन में आश्वासन
मुंबई / दि. 26 – चंद्रपुर की नागभीड तहसील के मिथूर गांव के एक किसान को साहूकारों ने कर्ज के जाल में फंसाकर कंबोडिया में किडनी बेचने के लिए मजबूर कर दिया. मामले में राज्य सरकार के गृह विभाग ने कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को आरोपी बनाया है. इनमें से 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बुधवार को विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान भाजपा सदय अतुल भातलखलकर और कांग्रेस सदस्य विजय वडेटीवार ने यह मामला सदन में उठाया. गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) पंकज भोयर ने जवाब देते हुए कहा कि इस मामले की विशेष जांच कमेटी (एसआईटी) के जरिए जांच की जा रही है. उन्होंने सदस्यों को आश्वासन किया कि सरकार मौजूदा कानून को और सख्त करेगी.
* रैकेट के तार दिल्ली, तमिलनाडु और पंजाब तक फैले
भोयर के अनुसार पीडित किसान ने 6 आरोपियों से कुल 9 लाख 15 लाख रूपए का कर्ज लिया था. ज्यादा ब्याज के कारण किसानों ने साहूकारों को 48 लाख 53 हजार रूपए और एक एकड जमीन चुकता कर दी. फिर भी वसूली जारी रही. कर्ज से छुटकारा पाने के लिए आरोपी साहूकार किसान को नौकरी दिलाने के बहाने कंबोडिया लेकर गए. जहां उसने अपनी एक किडनी 8 लाख रूपए में बेच दी और 6 लाख रूपए का कर्ज फिर चुकता किया. जांच में सामने आया कि इस रैकेट के तार दिल्ली, तमिलनाडू और पंजाब तक फैले है. सोलापुर के एक एजेंट के जरिए न सिर्फ पीडित बल्कि अन्य 9 लोगों की किडनी भी कंबोडिया और तमिलनाडू में बेचे जाने की जानकारी मिली है.
* आरोपियों पर मकोका लगाने की मांग
विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए अतुल भातखलकर ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और मुख्य आरोपियों व संबंधित साहूकारों पर मकोका के तहत कडी कार्रवाई की मांग की. कांग्रेस सदस्य विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि इसमें दिल्ली के एक पद्मश्री सम्मानित डॉक्टर का भी नाम सामने आया है.





