स्वयं सिद्धा मंडल का भव्य गणगौर बिंदोरा
विविध गेम्स और कार्यक्रमों के आयाम जोडे

* समृद्ध राजस्थानी संस्कृति की अनुपम मिसाल
अमरावती /दि.18 – माहेश्वरी समाज का पारंपरिक एवं सांस्कृतिक पर्व ‘गणगौर’, जो होली के पश्चात प्रारंभ होता है, महिलाओं के लिए विशेष उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक है. यह पर्व अखंड सुहाग, समर्पण और हमारी समृद्ध संस्कृति की अनुपम मिसाल है. महिलाएं पूरे 16 दिनों तक इस पर्व को बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाती हैं.इसी कड़ी में स्वयं सिद्धा माहेश्वरी महिला मंडल द्वारा गत 14 मार्च को राठी एजुकेशन हब में गणगौर उत्सव का भव्य आयोजन किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत गणगौर माता एवं ईसर जी की धमाकेदार एंट्री के साथ हुई, जिसे मंडल की अध्यक्ष सरला गांधी एवं कार्यकारिणी सदस्य वनिता गांधी, तारा टव्वानी, योगिता राठी, कल्पना राठी, सरोज राठी द्वारा गणगौर बिंदोरा ग्रुप की सखियों का भेट वस्तू देकर स्वागत किया गया तथा गणगौर बिंदोरा ग्रुप की लीडर ज्योति राजेश राठी एवं उनकी सखियों – शोभा लड्ढा, अलका जाजू, रश्मि मूंदड़ा, शोभा डागा, लक्ष्मी गट्टानी, अरुणा टव्वानी, डॉ. प्रीति लड्ढा, मंगला तापड़िया, संध्या राठी, आरती मुंधड़ा, माया डागा, राखी भटृड, कविता मोहता, रश्मि भट्टड़, रजनी सारडा, कल्पना मालानी – ग्रुप की लीडर ज्योति राठी द्वारा वितरित की गई कुल्फी का स्वाद लेते कार्यक्रम का आनंद लिया.
ग्रुप द्वारा पूर्व अध्यक्षों का गुलाब पुष्पों से स्वागत किया. कार्यक्रम का शुभारंभ रिया डागा द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ. इसके पश्चात ईसर जी का किरदार यशिका गांधी एवं गौरा जी का किरदार जानकी डागा ने अत्यंत सुंदरता से निभाया. नेतल मुंधड़ा द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य ने सभी का मन मोह लिया. इसके बाद सखियों ने घोड़लो घुमेला जी घुमेला गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया. साथ ही जाजु जी की खिड़की एवं सास-बहू विषय पर शानदार नाट्य प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग भर दिया.आगे कौन अपना कौन पराया थीम पर डॉ. प्रीति लड्ढा द्वारा रोचक गेम का आयोजन किया गया, जिसमें दीपमाला मुंधड़ा एवं दुर्गा हेड़ा विजेता रहीं. हौजी गेम खिलाया गया. जिसमें इंदिरा सारडा एवं डॉ. सोनू भूतड़ा विजेता रहीं. गणगौर ग्रुप द्वारा सभी सखियों को सुहाग की वस्तु भेट दीपूरे कार्यक्रम का प्रभावशाली मंच संचालन रश्मि मूंदड़ा द्वारा किया गया.
इंदिरा सारडा, सोनू भूतड़ा, उषा भूतड़ा, ज्योति कासट, लक्ष्मी जाजू, दुर्गा राठी, मीरा चांडक, सुचिता तोष्णीवाल, गौरी राठी, लीला राठी, दुर्गा हेड़ा, अरुणा टव्वानी, प्रेमलता राठी, शोभा डागा, कविता मोहता, शीतल गांधी, सरिता तापड़िया, कंचन चांडक, रूपाली चांडक, उर्मिला गांधी, चंदा भूतड़ा, छाया लाहोटी, पूजा बजाज, रोशनी गांधी, कल्पना मालानी, सरला सिकची, शिल्पा राठी, पल्लवी नावंदर, ममता करवा, प्रिया सादाणी, दीपमाला मुंधडा, अदिति राठी, हीरा चांडक, तृप्ति हेड़ा, किरण राठी, तृप्ति राठी, पूनम राठी, चंद्रकला भंडारी, विजया राठी, नीति सोनी, संगीता सीताराम राठी, कविता तोषनीवाल, सुषमा भूतड़ा, नेतल राठी, निशा भूतड़ा और अन्य सखियां उपस्थित थी.





