भडकाउ भाषण, बयानबाजी पर गृहमंत्रालय की रहेगीं पैनी नजर

सात खुफियां अधिकारियों की टीम पहुंची शहर में

अमरावती /दि.10 – मनपा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की जुबानी जंग तेज हो गई हैं. ओर आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग का स्तर और भी निचले शब्दों में जा सकता हैं. इस बात की आशंका को लेकर व शहर में मनपा चुनाव के दौरान कोई भी अप्रिय घटना बयानबाजी के कारण न हो इस बात की गंभीरता से दखल राज्य सरकार के खुफियां विभाग द्वारा लीं गई हैं. वैसे तोे संपूर्ण राज्य में सभी शहरों में अलग-अलग खुफियां विभाग कार्यरत हैं. किंतु शहर में बयानबाजी कर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले नेताओं को ध्यान में रखते हुए एवं बिते साल मेंं हुए दंगो को लेकर राज्य सरकार के गृहमंत्रालय अंतर्गत सात खुफियां अधिकारियों की टीम गुरूवार की रात शहर में पहुंच गई हैं.
विशेष सुत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार शहर की एक होटल में यह टीम रूकी हुई हैं. जहा शुक्रवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की सभा में भी यह टीम सभी गतिविधियों पर नजर रखे हुई थीं. आगामी 14 जनवरी तक होने वाली नेताओं की सभाओे में व सभी नेताओं की प्रेसवार्ता में इन सात खुफियां अधिकारियों की नजर रहेगी ताकि कोई भी भडकाउ भाषण किसी भी नेता द्वारा दिया जाता हैं तो उसकी रिपोर्ट गृहमंत्रालय को भेजी जाएंगी. शहर में बिगडते वातवरण को देखते हुए गृहमंत्रालय द्वारा उठाया गया. यह बडा कदम हैं.

* उपमुख्यमंत्री की सभा में विधायक खोडके ने किया था जिक्र
शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की सभा में स्वयं विधायक सुलभा खोडके ने इस बात का बार बार जिक्र करते हुए कहां था की कुछ लोग अमरावती शहर की शांति सुव्यवस्था खराब करना चाहते हैं. आने वाले समय में दो समाज के बीच भडकाउ भाषण देकर अपनी राजनीतिक रोटियों सेकी जा सकती है. जिसके चलते उन्होंने उपमुख्यमंत्री से शहर के पुलिस प्रशासन को विशेष दिशानिर्देश दिए जाने की विनंती की थी. उधर हाल ही में एमआईएम के सांसद ओवैसी द्वारा भविष्य में अमरावती से मुस्लिम विधायक के साथ-साथ सांसद भी मुस्लिम शीघ्र ही बनने का बडा बयान दिया था. जिस पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने स्पष्ट रूप से कहा था कि कुछ लोगो ने मनपा में तथा आने वाले विधानसभा चुनाव में एक समाज के लोगो को विधानसभा में भेजने की तैयारी अभी से शुरू कर दी हैं. वहीं अमरावती के मनपा चुनाव में महापौर भी अल्पसंख्याक नेताओ को दिए जाने का फैसला लगभग हो चुका हैं. परंतु यह भाजपा की ओर से कदापि होने नहीं दिया जाएगा. डॉ बोंडे के इस बयान पर मामला और बिगड गया हैं. और आनेवाले दिनों में जुबानी जंग तथा शहर का माहौल खराब न हो इसलिए पुलिस विभाग के साथ-साथ गृहमंत्रालय भी पूरी तरह से अल्ट हो चुका हैं.

 

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