अंतरराष्ट्रीय एआई परिषद का हुआ उद्घाटन
डिजिटल हेल्थ और कृत्रिम बुध्दिमत्ता के भविष्य पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

अमरावती/दि.19- शायकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय में आयोजित आंतरराष्ट्रीय एआई परिषद का उद्घाटन समारोह शुक्रवार 19 दिसंबर को काफी अनुशासनबध्द, अभ्यासपूर्ण और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ. देश-विदेश के संशोधक, शिक्षण तज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और विद्यार्थियों के सहभाग के कारण उद्घाटन सत्र को विशेष महत्व प्राप्त हुआ. उद्घाटन अवसर पर प्राचार्य डॉ. आशीष महल्ले ने उपस्थित मान्यवरों का स्वागत किया. कृत्रिम बुध्दिमत्ता के माध्यम से संशोधन, नवोन्मेश और समाजोपयोगी तकनीकी ज्ञान को एक की मंच उपलब्ध कर देना यहीं इस परिषद का लक्ष्य रहने की बात उन्होंने स्पष्ट की. ऐसे अंतरराष्ट्रीय परिषद के कारण विद्यार्थियों को विश्व संशोधन प्रवाह समझता है तथा उद्योग व शैक्षणिक क्षेत्र में वह अधिक मजबूत होते है, ऐसा उन्होंने विश्वास व्यक्त किया.
उद्घाटन के मौके पर, खास लोगों ने ’बुक ऑफ़ एब्सट्रैक्ट्स’ का विमोचन किया. हेल्थ सेक्टर में एआई की भूमिका के बारे में समीर सावरकर ने कहा कि एआय आधारित निदान व स्क्रीनिंग टेक्नोलॉजी ग्रामीण इलाकों में हेल्थकेयर को बेहतर बनाने में क्रांतिकारी हो सकती है. साथ ही, एसीएम नागपुर चैप्टर के प्रेसिडेंट रवींद्र केसकर ने रिसर्च में डेटा एनालिसिस के महत्व के बारे में विस्तार से बताया. वहीं डॉ. निरंजन जोशी ने इंजीनियरों से टेक्निकल ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक ज़िम्मेदारी के बारे में भी जागरूक रहने की अपील की. कॉन्फ्रेंस के मुख्य आकर्षण रहे एक खास सेशन में आयआयएससी, सीडीएस विभाग बैंगलोर के प्रो. डॉ. फणींद्र कुमार यलवर्थी ने ’डिजिटल हेल्थ’ पर गाइड किया. उन्होंने चार औद्योगिक क्रांती, ग्राहक केंद्रीत विश्व मे एआय की भूमिका, स्वास्थ्य क्षेत्र में अमल करने पर दुविधा, एज कंप्यूटिंग, नॉन- कम्युनिकेबल बिमारी और थ्रीडी संकल्पना का महत्व विषद किया. अंत में आयोजन समिति के समन्वयक डॉ. शंतनू लोही ने सभी मान्यवर, वक्ता, आयोजन समिति, प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थियों का आभार माना. राष्ट्रगीत के साथ उद्घाटन समारोह का समापन हुआ.





