पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हो

विधायक संजय खोडके ने विधान मंडल में उठाई मांग

अमरावती /दि.10 महाराष्ट्र राज्य में मीडिया से जुडे पत्रकारों, कर्मियों और कर्मचारियों के कल्याण व सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा प्रभावी उपाय और उनके क्रियान्वयन की मांग महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने राज्य विधान मंडल में उठाई. उन्होंने कहा कि, राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू तो किया गया है, लेकिन इसका प्रभावी अमल नहीं होने के कारण यह कानून अब काफी हद तक निष्प्रभावी साबित हो रहा है. इसलिए इस कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है. इस संबंध में विधायक संजय खोडके ने सदन में ध्यानाकर्षक प्रस्ताव प्रस्तुत किया.
राज्य विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान बोलते हुए विधायक संजय खोडके ने बताया कि, सरकार ने पत्रकारों को आर्थिक सहायता देने के लिए आचार्य बालशास्त्री जांभेकर पत्रकार सम्मान योजना शुरु की है. हालांकि इस योजना से संबंधित कई प्रस्ताव अभी भी सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में लंबित पडे है. उन्होंने बताया कि, अभी कई आवेदनों की जांच नहीं हुई है और पिछले डेढ वर्ष से अधिस्वीकृति समिति की बैठक भी नहीं हुई है. इसके कारण सैकडों वरिष्ठ पत्रकार आर्थिक सहायता से वंचित है. उन्होंने मांग की है कि, आचार्य बालशास्त्री जांभेकर पत्रकार सम्मान योजना के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिये जाये. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि, इस योजना के पात्रता मानदंड में आयुसीमा 60 वर्ष की बजाय 58 वर्ष की जाये.
इसके अलावा पत्रकारों को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय होने वाली हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए बनाए गये पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु गृह विभाग को समय-समय पर आवश्यक निर्देश देने की भी जरुरत है. उन्होंने यह भी कहा कि, पत्रकार कल्याण निधि के अंतर्गत पत्रकारों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमा योजनाओं का दायरा बढाया जाये तथा इसमें कुछ गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया जाये. ताकि पत्रकारों और उनके परिवारों को इसका लाभ मिल सके. इस पर उत्तर देते हुए राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार ने बताया कि, वरिष्ठ पत्रकारों को वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा देने के लिए आचार्य बालशास्त्री जांभेकर पत्रकार सम्मान योजना के तहत सरकार की ओर से प्रतिमाह 11 हजार रुपए की सहायता दी जाती है.
इस राशि को बढाकर 20 हजार रुपए प्रतिमाह करने पर सरकार विचार कर रही है. वर्तमान में लगभग 180 वरिष्ठ पत्रकार इस योजना के पात्र है. उन्होंने बताया कि, लगातार 30 वर्ष तक पत्रकारिता करने वाले और 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ पत्रकारों को यह पेंशन दी जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि, लंबित मामलों की जांच के लिए अधिस्वीकृति समिति को निर्देश दिये जाएंगे. साथ ही पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी और ठोस क्रियान्वयन के लिए गृह विभाग से चर्चा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. मंत्री आशीष शेलार ने यह भी बताया कि, केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत महाराष्ट्र असंगठित सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा उपलब्ध विभिन्न लाभकारी योजनाओं में पत्रकारों को भी शामिल किया गया है. ताकि पत्रकार और उनके परिवार इन योजनाओं का लाभ ले सकें.

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