वह ‘लेटर बम’ साबित हुआ ‘फूसका पटाखा’

उस’ पत्र में शामिल कई नामों ने जारी किए अपने खुलासे

* वीडियो संदेश जारी करते हुए पूरे मामले से अपना पल्ला झाडा
* भाजपा के सामने पैदा हुई ‘सांप-छुछूंदर’ वाली अजीबोगरीब स्थिति
* हर बडा नेता मामले को लेकर बयान देने से बच रहा
अमरावती /दि.19 – मनपा के चुनावी नतीजे घोषित होने के साथ ही शहर भाजपा में जबरदस्त उथल-पुथल वाला दौर शुरु हो गया है. भले ही मनपा के चुनाव में भाजपा ने सबसे अधिक 25 सीटें जीती है. लेकिन कई सीटें ऐसी रही, जहां पर जीत के प्रबल दावेदार रहनेवाले भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना भी करना पडा. जिसके लिए भाजपा की अंतर्गत राजनीति को जिम्मेदार बताया जा रहा है. जिससे जुडी खबरे अब धीरे-धीरे बाहर आनी शुरु हो गई है. इसी के तहत विगत शनिवार को भाजपा के कुछ विजीत व पराजित प्रत्याशियों का एक पत्र सामने आया था. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम लिखे इस पत्र में भाजपा के विजीत व पराजित रहनेवाले 22 प्रत्याशियों के नाम और हस्ताक्षर थे. जिन्होंने अमरावती शहर में भाजपा की ‘दुर्गती’ का ठिकरा सीधे तौर पर भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा पर फोडा था. ऐसे में इस पत्र के सामने आते ही स्थानीय स्तर की राजनीति में अच्छा-खासा हडकंप भी मच गया था. परंतु इस पत्र के सामने आने के अगले 24 घंटों के भीतर ही भाजपा के कई विजीत व पराजित प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया पर अपने वीडियो संदेश जारी करते हुए पूरे मामले से यह कहकर अपना पल्ला झाड लिया है कि, उनका ‘उस’ पत्र से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने ऐसे किसी पत्र पर कोई दस्तखत भी नहीं किए थे. जिसके चलते भाजपा के एक असंतुष्ट खेमे द्वारा फोडा गया वह ‘लेटर बम’ फिलहाल ‘फूसका पटाखा’ साबित होता दिखाई दे रहा है.
बता दें कि, विगत शनिवार को सामने आई खबर के मुताबिक साईनगर प्रभाग से पराजित हुए भाजपा प्रत्याशी तुषार भारतीय के घर पर शहर के अलग-अलग प्रभागों से पराजित रहने वाले प्रत्याशियों के साथ ही कुछ विजीत प्रत्याशियों की एक बैठक हुई. जिसमें चर्चा का मुख्य मुद्दा यह रहा कि, भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा ने शहर के कई प्रभागों में भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया और भाजपा प्रत्याशियों की बजाए अपने पति व विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशियों का खुलेआम तरीके से प्रचार किया. जिसके चलते इस बार के मनपा चुनाव में जहां कई प्रत्याशियों को हार का सामना करना पडा, वहीं भारतीय जनता पार्टी को भी इस बार के चुनाव में अच्छा-खासा नुकसान हुआ. ऐसे में पार्टी ने पूर्व सांसद नवनीत राणा के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. इस मुद्दे को लेकर हुए विचार-मंथन के बाद बाकायदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम एक पत्र लिखा गया. जिस पर बैठक में उपस्थित 22 लोगों ने ‘कथित’ रुप से अपने हस्ताक्षर भी किए. इन 22 लोगों में पार्षद निर्वाचित रहनेवाले चेतन गावंडे, आशिष अतकरे व लता देशमुख के साथ ही चुनाव में पराजित हुए भाजपा प्रत्याशी प्रणित सोनी, अभिजित वानखडे, ऋषि खत्री, डॉ. वीरेंद्र ढोबले, नरेश धामाई, सुनंदा खरड, मृणाली चौधरी, अपर्णा ठाकरे, चेतन पवार, राजेश शादी, रोशनी वाकडे, बरखा शर्मा, रीटा मोकलकर, संतोष पिठेकर, गौरव बांते, प्रणित सोनी, योगेश निमकर, राजेश पड्डा साहू, स्वाती निस्ताने, धीरज बारबुद्धे, गंगा अंभोरे, छाया अंबाडकर के हस्ताक्षर रहने की जानकारी सामने आई थी.
विगत शनिवार को यह खबर सामने आते ही मीडिया की सुर्खीयां बन गई और शहर की राजनीति में अच्छा-खासा हडकंप भी मचा है, जिसके बाद संभवत: पार्टी द्वारा ‘डैमेज कंट्रोल’ करने के प्रयास पेश किए गए. शायद यही वजह रही कि, इस खबर के सामने आने के बाद अगले 24 घंटे के भीतर सोशल मीडिया पर एक के बाद एक करीब 7 भाजपा प्रत्याशियों के वीडियो संदेश जारी हुए. जिन्होंने अपनी ओर से खुलासा करते हुए साफ शब्दों में कहा कि, शनिवार को सामने आए पत्र से उनका कोई लेना-देना ही नहीं है और उन्होंने ऐसे किसी पत्र पर कोई दस्तखत नहीं की है.
खास बात यह भी रही कि, गत रोज भाजपा के कुछ ऐसे प्रत्याशियों के वीडियो संदेश भी सामने आए है, जिनका नाम शनिवार को सामने आए पत्र में शामिल भी नहीं था. इसके बावजूद भी उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए मनपा चुनाव हेतु भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा द्वारा की गई मेहनत तथा भाजपा शहराध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे की ओर से मिले मार्गदर्शन को लेकर तारीफों के पुल बांध दिए तथा एक तरह से शनिवार को वायरल हुए पत्र की हवा निकालने का ही काम किया. ऐसे में अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि, आनेवाले समय में यह पूरा मामला कौनसी करवट लेता है.प
* किसने क्या कहा?

विगत शनिवार को वायरल हुए पत्र में साईनगर प्रभाग से पार्षद निर्वाचित हुई लता देशमुख का नाम और दस्तखत भी शामिल थे. लेकिन अब लता देशमुख ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए बताया कि, इस पूरे मामले से उनका कोई संबंध नहीं है तथा उन्होंने किसी को भी लेकर किसी भी तरह की कोई आपत्ती या आक्षेप नहीं उठाया है.

प्रभाग क्र. 1 शेगांव-रहाटगांव की अ-सीट से चुनाव में विजयी रहनेवाली भाजपा प्रत्याशी कल्याणी तायडे का नाम भले ही विगत शनिवार को सामने आए पत्र में शामिल नहीं है. लेकिन इसके बावजूद नवनिर्वाचित पार्षद कल्याणी तायडे ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो संदेश जारी किया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि, उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेत्री नवनीत राणा का पूरा साथ व समर्थन मिला. पूर्व सांसद नवनीत राणा ने उनके प्रभाग में भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार कार्यालय का उद्घाटन करने के साथ ही पूरे प्रभाग में भाजपा प्रत्याशियों का जमकर प्रचार भी किया. जिसकी बदौलत वे चुनाव जीतने में सफल रही तथा उनकी जीत में पूर्व सांसद नवनीत राणा की भूमिका ही सबसे महत्वपूर्ण रही.

प्रभाग क्र. 18 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडने के इच्छुक रहे राजेश शादी का नामांकन ही ऐन समय पर खारिज हो गया था. जिन्हें चुनाव लडने का मौका ही नहीं मिला. लेकिन इसके बावजूद विगत शनिवार को भाजपा प्रत्याशियों की हार के लिए पूर्व सांसद नवनीत राणा को जिम्मेदार बतानेवाले पत्र पर राजेश शादी के हस्ताक्षर रहने की जानकारी सामने आई थी. ऐसे में राजेश शादी ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपना वीडियो संदेश जारी किया और साफ शब्दों में कहा कि, इस पूरे मामले से उनका दूर-दूर तक कहीं कोई संबंध नहीं है तथा वे ऐसी किसी बैठक मेन शामिल नहीं हुए थे. साथ ही उन्होंने ऐसे किसी पत्र पर अपने हस्ताक्षर भी नहीं किए.

 

प्रभाग क्र. 18 राजापेठ-संत कंवरराम से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडनेवाली एड. अपर्णा ठाकरे को चुनाव में हार का सामना करना पडा था. साथ ही विगत शनिवार को सामने आए पत्र में एड. अपर्णा ठाकरे के नाम और दस्तखत का भी समावेश था. जिसके चलते मामला उजागर होते ही एड. अपर्णा ठाकरे ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि, उन्हें इस पूरे मामले की खबर मीडिया के जरिए मिली. हकीकत यह है कि, उन्होंने अपनी हार के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया था और वे ऐसी किसी बैठक में शामिल होने के लिए भी नहीं गई थी. साथ ही उन्होंने ऐसे किसी पत्र पर कोई हस्ताक्षर भी नहीं किए थे. इसके साथ ही पूर्व सांसद नवनीत राणा को अपना नेता बताते हुए एड. अपर्णा ठाकरे ने इस पूरे मामले को झूठा और फर्जी करार भी दिया.

 

प्रभाग क्र. 2 संत गाडगेबाबा-पीडीएमसी की ड-सीट से चुनाव में पराजित भाजपा प्रत्याशी बादल कुलकर्णी का नाम भी विगत शनिवार को सामने आए पत्र में शामिल नहीं था. इसके बावजूद शहर भाजपा में महामंत्री पद का जिम्मा संभालने वाले बादल कुलकर्णी ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपना वीडियो संदेश गत रोज जारी किया. जिसमें बादल कुलकर्णी ने बताया कि, भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा ने खुद उनके प्रभाग क्र. 2 में भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार कार्यालय का उद्घाटन किया था और चारों प्रत्याशियों के लिए पूरे प्रभाग में जमकर प्रचार भी किया था. जिसकी बदलौत उनके प्रभाग से भाजपा को 2 सीटों पर जीत भी मिली. हालांकि दुर्भाग्यवश पार्टी के 2 प्रत्याशी हार गए. जिनमें खुद उनका भी समावेश था. लेकिन दोनों प्रत्याशियों की हार के लिए भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा कतई जिम्मेदार नहीं है.

प्रभाग क्र. 17 के चुनाव में विजयी रहे भाजपा प्रत्याशी आशीष अतकरे का नाम भी उन लोगों की सूची में शामिल है. जो उस बैठक में उपस्थित थे और शनिवार को जारी पत्र में भी आशीष अतकरे के नाम व हस्ताक्षर का समावेश भी था. ऐसे में लगातार दूसरी बार पार्षद निर्वाचित आशीष अतकरे ने सोशल मीडिया के जरिए अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए बताया कि, उनका इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं है और उस पत्र पर दर्ज उनके दस्तखत भी पूरी तरह से फर्जी है. क्योंकि उन्होंने ऐसे किसी दस्तावेज पर अपना कोई हस्ताक्षर नहीं किया.

प्रभाग क्र. 2 संत गाडगेबाबा-पीडीएमसी से विजयी रहे भाजपा प्रत्याशी विनोद तानवैस का नाम भी विगत शनिवार को सामने आए पत्र में शामिल नहीं था. लेकिन इसके बावजूद विजेता प्रत्याशी विनोद तानवैस ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए दावा किया है कि, उनकी जीत पूरा श्रेय भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा को ही जाता है. जिन्होंने उनके प्रभाग में भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार कार्यालय का उद्घाटन करने के साथ ही उनके पक्ष में जबरदस्त ढंग से चुनाव प्रचार भी किया. साथ ही साथ नवनिर्वाचित पार्षद विनोद तानवैस ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले व भाजपा शहराध्यक्ष नितिन धांडे सहित पार्टी के सभी छोटे-बडे नेताओं के प्रति भी चुनाव के दौरान दिए गए साथ व समर्थन के लिए इस वीडियो में आभार ज्ञापित किया है.

प्रभाग क्र. 6 विलास नगर-मोरबाग के भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज कर चुके पूर्व महापौर संजय नरवणे का नाम यद्यपि विगत शनिवार को सामने आए उस पत्र में शामिल नहीं है. लेकिन इसके बावजूद नवनिर्वाचित पार्षद संजय नरवणे ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो संदेश जारी किया है. जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि, उन्हें भाजपा की टिकट दिलाने से लेकर उन्हें चुनाव जीताने तक भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. पूर्व सांसद नवनीत राणा ने उनके प्रभाग में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के साथ ही उनके प्रचार कार्यालय का उद्घाटन भी किया था. जिसकी बदौलत प्रभाग क्र. 6 से वे और पूजा कौशिक अग्रवाल भाजपा प्रत्याशी के तौर पर विजयी हुए. जिसका पूरा श्रेय पूर्व सांसद नवनीत राणा को जाता है.

प्रभाग क्र. 6 विलास नगर-मोरबाग से पहली बार चुनाव लडते हुए विजयी होनेवाली भाजपा प्रत्याशी पूजा कौशिक अग्रवाल का नाम भी विगत शनिवार को सामने आए पत्र में शामिल नहीं है. परंतु इसके बावजूद नवनिर्वाचित पार्षद पूजा कौशिक अग्रवाल ने भी अपना वीडियो संदेश जारी करते हुए अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है. अपने वीडियो संदेश में पूजा कौशिक अग्रवाल ने कहा कि, उनकी जीत में पूर्व सांसद नवनीत राणा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही. उनके चुनाव प्रचार में पूर्व सांसद नवनीत राणा की मौजूदगी के चलते जबरदस्त बल मिला और जनता में भी भाजपा प्रत्याशियों को लेकर विश्वास पैदा हुआ. ऐसे में पूर्व सांसद नवनीत राणा के बिना उनकी जीत बिल्कुल भी संभव नहीं थी.

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