एक और खतरा की आहट
इस बार मानसून की बारिश कम

* सूखा पडने की 30 प्रतिशत आशंका
* निजी एजेंसी स्कायमेट का अंदाज
नागपुर /दि.8- निजी मौसम भविष्यवाणी एजेंसी स्कायमेट ने आशंका जताई है कि, अलनिनो प्रभाव के कारण इस बार भारत में मानसून की बरसात 90 प्रतिशत ही रहनेवाली है. विशेषकर मानसून के दूसरे सत्र अगस्त-सितंबर दौरान बारिश कम होने की आशंका है. जून से भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय होता है. स्कायमेट के अंदाज से माना जा रहा है कि, खाडी युद्ध के दुष्प्रभाव से उभरे भारतीयों को कम बरसात का भी संकट झेलना पड सकता है. हालांकि भारतीय मौसम विभाग का मानसून को लेकर अंदाज अभी आना बाकी है. उधर आगामी 19 अप्रैल अक्षय तृतीय पर बुलढाणा जिले के भेंडवल में होनेवाली मांडणी और भविष्यवाणी पर भी समस्त विदर्भ के कृषक वर्ग की निगाहें और उत्सुकता लगी है.
स्कायमेट ने अंदाज में बताया कि, बीते अनेक वर्षों के बारिश के दीर्घकालीन औसत के आधार पर इस वर्ष 90 प्रतिशत अर्थात 868.6 मिमी एलपीए के आधार पर व्यक्त किया है. स्कायमेट ने दावा किया कि, 94 प्रतिशत तक औसत बारिश का ही अंदाज है. दूसरी ओर कहा जा रहा है कि, औसत से कम मानसून बरसात की 40 प्रतिशत संभावना है. जिससे 30 प्रतिशत सूखे की आशंका बताई जा रही है. भारतीय मौसम विभाग अगले सप्ताह मानसून को लेकर अपना अंदाज व्यक्त कर सकता है, किंतु कई जानकार मान रहे हैं कि, अलनिनो का प्रभाव तो अवश्य रहेगा.