रद्द व कायम नामांकनों का मामला पहुंचा हाईकोर्ट के पास

अपना नामांकन रद्द किए जाने को राजेश शादी ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

* नामांकन कायम रहने के बाद संभावित खतरे से निपटने सचिन भेंडे की हाईकोर्ट में ‘कैवेट’
अमरावती/दि.1 – इस समय अमरावती महानगर पालिका के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद नामांकनों की जांच-पडताल करते हुए वैध व अवैध नामांकनों की सूची जारी करने का काम चल रहा है. जिसके तहत गत रोज कई प्रत्याशियों के नामांकनों को लेकर उनके विरोधियों द्वारा आपत्ति दर्ज करते हुए उन प्रत्याशियों के नामांकनों को खारिज करने की मांग उठाई थी. जिसके चलते प्रभाग क्र. 18 की ड-सीट से भाजपा प्रत्याशी राजेश शादी का नामांकन संपत्ति को लेकर गलत ब्यौरा दिए जाने के चलते खारिज हो गया था. वहीं प्रभाग क्र. 19 साईनगर की ड-सीट से दावेदार रहनेवाले युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी सचिन भेंडे का नामांकन रद्द होते-होते बचा. जिसके बाद अब इन दोनों प्रत्याशियों द्वारा हाईकोर्ट की शरण ली गई है. जिसके तहत राजेश शादी ने निर्वाचन निर्णय अधिकारी द्वारा अपना नामांकन रद्द किए जाने को लेकर दिए गए फैसले को मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में चुनौती दी है. वहीं दूसरी ओर प्रभाग क्र. 19 से दावेदारी कायम रहनेवाले वायएसपी प्रत्याशी सचिन भेंडे ने अपने विरोधियों द्वारा उठाए जानेवाले संभावित कानूनी कदम से निपटने हेतु नागपुर हाईकोर्ट में ‘कैवेट’ दाखिल कर दिए, ताकि अदालत द्वारा उन्हें भी उनका पक्ष रखने हेतु मौका दिया जाए.
बता दें कि, प्रभाग क्र. 18 राजापेठ-संत कंवरराम की ड-सीट से भाजपा द्वारा प्रत्याशी बनाए गए राजेश भागचंद शादी की ओर से प्रस्तुत नामांकन के साथ जोडे गए संपत्ति एवं आर्थिक विवरण से संबंधित दस्तावेजों में गलत जानकारी दी गई है और असल जानकारी को छिपाया गया है, ऐसा आरोप लगाते हुए इसी प्रभाग से कांग्रेस प्रत्याशी रहनेवाले पूर्व पार्षद मुन्ना राठोड एवं कांग्रेस पदाधिकारी समीर जवंजाल ने निर्वाचन निर्णय अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी. जिसके बाद निर्वाचण निर्णय अधिकारी ने दस्तावेजों की पडताल करते हुए राजेश शादी के खिलाफ शिकायत को सही पाया और चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दिए जाने की वजह के चलते राजेश शादी के नामांकन को ही खारिज कर दिया. इस फैसले को अपने खिलाफ अन्यायकारक बताते हुए अब राजेश शादी ने मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में अपने वकिलों की मार्फत गुहार लगाई है. ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई है कि, राजेश शादी की ओर से दायर याचिका पर नागपुर हाईकोर्ट द्वारा क्या फैसला दिया जाता है.
इसी तरह प्रभाग क्र. 19 साईनगर की ड-सीट से चुनावी मैदान में रहनेवाले युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी सचिन भेंडे की दावेदारी को लेकर इसी सीट से चुनाव लड रहे भाजपा प्रत्याशी तुषार भारतीय ने यह कहते हुए आपत्ति उठाई थी कि, मनपा चुनाव लडने के लिए स्पष्ट नियम है कि, चुनाव लडनेवाले प्रत्याशी द्वारा चुनाव से तीन वर्ष पहले तक ठेकेदारी जैसा कोई काम न किया गया हो, परंतु युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी सचिन भेंडे पेशे से ठेकेदार है और हाल-फिलहाल तक मनपा के साथ ही ठेकेदारी का काम किया करते थे. अत: सचिन भेंडे मनपा का चुनाव लडने हेतु अपात्र है. जिसके बाद वायएसपी प्रत्याशी सचिन भेंडे ने अपने वकील के मार्फत निर्वाचन निर्णय अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए साबित किया कि, वे काफी पहले भले ही ठेकेदारी का व्यवसाय किया करते थे, परंतु विगत तीन वर्ष के दौरान उनका मनपा के साथ ठेकेदारी को लेकर कोई लेना-देना नहीं रहा. ऐसे में वे चुनाव लडने हेतु पूरी तरह से पात्र है. जिसके चलते निर्वाचन निर्णय अधिकारी ने तुषार भारतीय की आपत्ति को खारिज करते हुए सचिन भेंडे की दावेदारी को कायम रखने का फैसला सुनाया. चूंकि इस फैसले के खिलाफ तुषार भारतीय गुट की ओर से नागपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की पूरी संभावना बनी हुई थी. जिसे ध्यान में रखते हुए सचिन भेंडे ने अपने वकील के मार्फत नागपुर हाईकोर्ट में पहले ही ‘कैवेट’ दाखिल कर दी, ताकि हाईकोर्ट द्वारा उन्हें भी उनका पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाए. जिसके चलते कहा जा सकता है कि, अमरावती मनपा चुनाव में नामांकन से संबंधित दो मामले अब हाईकोर्ट की दहलिज पर जा पहुंचे है. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि, दोनों ही मामलों में हाईकोर्ट की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है.

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