दाऊदी बोहरा समाज का रमजान माह शुरु
मिसरी कैलेंडर के हिसाब से 19 मार्च को मनाएंगे रमजान ईद

अमरावती/दि.19-दाऊदी बोहरा समाज का रमजान माह मंगलवार, 17 फरवरी से शुरु हो गया है. बुधवार को रमजान माह का दूसरा रोजा रखा. सोमवार की मध्यरात्रि सहरी कर मंगलवार को बोहरा समाज बंधुओं ने पहला रोजा रखा था. बोहरा समाज मिसरी कैलेंडर के हिसाब से रमजान महीने के 30 रोजे रखते है, जबकि 19 मार्च में इसी मिसरी कैलेंडर के हिसाब से बोहरा समाज रमजान ईद का पर्व मनाएगा. बुधवार की सुबह बर्तन बाजार स्थित दाऊदी बोहरा मस्जिद में आमिल साहब शेख मुर्तुजा भाई मदारवाला ने रमजान माह की नमाज अदा कराई. रमजान माह में लगातार 30 दिनों तक नमाज, इबादत का दौर शुरु रहेंगा.
दाऊदी बोहरा मस्जिद में सभी बोहरा समाजबंधु को रोजाना सामूहिक रूप से जमातखाने में इफ्तार करते हैं. दाऊदी बोहरा समाज बंधुओं ने रमजान माह की एक दुसरे को मुबारकबाद दी. रमजान के रोजे के कारण लोगों को अपनी दिनचर्या में अच्छा खासा बदलाव करना पड़ा. दिनभर इबादत में गुजराने के बाद शाम को इफ्तार की तैयारियां दिखाई दी.
* मुस्लिम समाज बंधुओं का पवित्र रमजान माह आज से
मुस्लिम समाज बंधु का सबसे पवित्र रमजान माह गुरुवार, 19 फरवरी से शुरु हो रहा है. रमजान माह रहमत, बरकत और नेकियों का महीना है. इस माह को तीन अशरों (चरणों) में विभाजित किया गया है. पहला अशरा रहमतों का होता है, जबकि दूसरा अशरा बरकत और तीसरा अशरा मगफिरत (बख्शीश) का कहा जाता है. रमजान के महीने में एक नेकी का सवाल (पुण्य) 70 नेकियों के बराबर मिलता है. इसीलिए प्रत्येक मुस्लिम बंधु इबादत, रोजा, नमाज, कुरान पठन, जकात जैसे फर्ज अदा कर नेकियां हासिल करता है. इस महीने में एक बड़ी रात आती है, जिसे शब-ए-कद्र कहा जाता है, जिसमें इबादत करने का भी अधिक महत्व है. इस माह 26 वां रोजा सबसे बड़ा होता है, छोटा-बड़ा, बुजुर्ग रखता है. 26वें रोजे को मुस्लिम भाई के साथ हिंदू भाई भी बड़े अदब व एहतेराम के साथ रखते है. 26 वें रोजे को हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक भी माना जाता है.