कोणार्क इंफ्रा के नाम मनपा ने जारी किया वर्क ऑर्डर

सोमवार से कोणार्क कंपनी शुरू करेगी शहर में साफ-सफाई

* सभी प्रभागों से निकलने वाले कचरे को संकलित कर पहुंचाएगी कंपोस्ट डिपो
अमरावती/दि.29 – शहर में कचरा संकलन और सफाई व्यवस्था हेतु चलाई गई निविदा प्रक्रिया में फाइनेंशियल बिड के बाद लोएस्ट-1 यानि एल-1 रहनेवाली मुंबई की कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर नामक कंपनी के नाम अमरावती मनपा प्रशासन ने आज आधिकारिक रूप से वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है. जिसके चलते अब कोणार्क कंपनी द्वारा आगामी सोमवार से अमरावती शहर के सभी प्रभागों से निकलनेवाले कचरे को संकलित कर उसे कंपोस्ट डिपो पर पहुंचाने का काम शुरु किया जाएगा.
बता दें कि, अमरावती मनपा द्वारा शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने हेतु करीब 235 करोड रुपए की लागतवाली एकल व संयुक्त ठेका पद्धति को अमल में लाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थी. जिसमें अन्य 3 कंपनियों के साथ मुंबई की कोणार्क इंफ्रा. नामक कंपनी ने भी हिस्सा लिया था तथा टेक्निकल बिड में पात्र रहने के बाद कोणार्क इंफ्रा कंपनी फाईनेंशियल बिड में सबसे कम बोली लगानेवाली निविदाधारक साबित हुई थी. जिसके चलते तमाम आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए मनपा प्रशासन ने आज शाम कोणार्क इंफ्रा कंपनी के नाम सफाई ठेके पर अमल करने हेतु वर्कऑर्डर जारी कर दिया. जिसके चलते अब कोणार्क कंपनी द्वारा आगामी सोमवार 1 दिसंबर से अमरावती शहर में साफ-सफाई का काम करने के साथ ही विभिन्न प्रभागों से निकलनेवाले कचरे को संकलित कर उसे कंपोस्ट डिपो तक पहुंचाने का काम करना शुरु किया जाएगा.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए मनपा के सूत्रों ने बताया कि, कोणार्क कंपनी को तय शर्तों के अनुसार शहर के सभी प्रभागों से रोजाना कचरा एकत्रित कर निर्धारित कम्पोस्ट डिपो तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही शासन और मनपा प्रशासन के निर्देशों के तहत कोणार्क कंपनी को आधुनिक संसाधनों एवं निर्धारित समय सीमा के अनुरूप सफाई के लिए विशेष दिशानिर्देश दिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक सफाई कार्य की मॉनिटरिंग के लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन, वाहन ट्रैकिंग और शिकायत निवारण व्यवस्था भी लागू की जाएगी. मनपा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सफाई में लापरवाही पाए जाने पर कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और कार्य की समीक्षा नियमित रूप से की जाएगी.
ज्ञात रहे कि, अमरावती शहर में लंबे समय से कचरा संकलन व्यवस्था अव्यवस्थित चल रही थी, जिससे नागरिकों में नाराज़गी बढ़ रही थी. इस पृष्ठभूमि में नए ठेकेदार की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. कचरा संकलन में सुधार होने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है.

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