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तीनों बच्चों की बाल सुलभ हरकत ने छकाया प्रशासन को

* गुमशुदा बच्चों की खोज में आपदा टीम ने सभी कूएं और पोखर खोज डाले
* तीनों बच्चे एक मंदिर में सोते हुए मिले
* बच्चों के मिलते ही सभी ने ली राहत की सांस
* घर से खेलने के लिए निकले थे यह बच्चे
* वापिस लौटने में हुई थी देरी
* घर पर डांट पडने के डर से मंदिर में जाकर सो गये थे तीनों
* परिवार में मच गया था कोहराम, विश्रोली गांव में नहीं सोया कोई रातभर
अमरावती /दि.7- कभी-कभी बच्चों की हरकतों से समस्त परिवार समेत ग्रामवासी व प्रशासन के पसीने छूट जाते है. ऐसी ही एक घटना चांदूर बाजार तहसील के विश्रोली ग्राम में घटित हुई. जहां तीन बच्चे शाला से आने के बाद तत्काल घर से बाहर खेलने के लिए निकल गये और रात तक वापस घर नहीं लौटे. इस कारण परिवार के सदस्यों की चिंता बढ गई. उनकी गुमशुदगी की शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन में भी हडकंप मच गया. गांव के पास के पोखर समेत सभी कुओं को छान मारा. पूरी रात सभी लोग परेशान हो गये. जिला प्रशासन भी सकते में आ गया. आपदा प्रबंधन दल को भी खोज कार्य के लिए तडके भेजा गया. इस दल ने सभी कुएं और पोखर खोज डाले. आखिरकार सुबह यह तीनों बच्चें गांव के एक खेत के मंदिर में सोते हुए सकुशल मिल गये. तब पुलिस व जिला प्रशासन समेत ग्रामवासी व परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली. रात होने से घर पर डांट पडने के डर से यह बच्चे शालेय गणवेश में ही पूरी रात मंदिर में सोते रहे. लेकिन उनके न मिलने से परिवार के सदस्यों में कोहराम मच गया था. उनकी तलाश में पूरा गांव रातभर जागता रहा.
जानकारी के मुताबिक चांदूर बाजार तहसील के विश्रोली गांव निवासी विराट सचिन प्रतीके (12), इशान चंदूलाल भोकरे (11) और अंश प्रफुल अमझरे (10) नामक शालेय छात्र सोमवार 6 अप्रैल को दोपहर में शाला से घर लौटने के बाद अपनी स्कूल बैग घर में रखकर शालेय गणवेश में ही एकसाथ बाहर खेलने के लिए निकल पडे. तीनों छात्रों के परिवार के सदस्यों को लगा कि, उनके बच्चे बाहर खेल रहे हैं. लेकिन शाम ढलने के बावजूद बच्चे घर न लौटने से उनकी तलाश शुरु हुई. लेकिन कही भी उनका पता नहीं चला. इस कारण परिवार के सदस्य समेत ग्रामवासी चिंतित हो गये. तत्काल घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी तीनों बच्चों की तलाश में जुट गये. घटना की जानकारी उपविभागीय पुलिस अधिकारी आईपीएस सागर भामरे को मिलते ही उन्होंने इसे काफी गंभीरता से लिया. विश्रोली गांव से सटकर नदी भी है. पुलिस ने गोताखोरों की सहायता से पूरी नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया. लेकिन बच्चों का कही पता नहीं चला. पूरी रात बच्चों की तलाश पुलिस अधिकारी, कर्मचारी व ग्रामवासी करते रहे. तब तडके 3.05 बजे विश्रोली गांव के तीन बच्चे लापता रहने की जानकारी अमरावती जिलाधिकारी कार्यालय के नियंत्रण कक्ष को दी गई. जिलाधिकारी आशीष येरेकर के निर्देश पर तथा निवासी उपजिलाधिकारी संतोष काकडे व जिला आपदा व्यवस्थापन अधिकारी सुरेंद्र रामेकर के मार्गदर्शन में खोज व बचाव दल को तत्काल रात को ही घटनास्थल भेजा गया. खोज व बचाव दल ने सुबह 5.10 बजे विश्रोली ग्राम पहुंचकर तत्काल खोज कार्य शुरु किया. चांदूर बाजार के उपविभागीय अधिकारी सागर भामरे के निर्देश पर गांव से सटकर स्थित नदी में सर्च ऑपरेशन किया गया. लेकिन बच्चों का कही पता नहीं चला. साथ ही गांव के आसपास के खेत के कुएं भी छान मारे. फिर भी कही सुराग नहीं लगा. तब खोज दल व पुलिस के दल ने खोज कार्य तेज करते हुए आसपास के खेतों में खोज अभियान चलाया. घटनास्थल पर ग्रामवासियों की भारी भीड जमा हो गई थी. समस्त ग्रामवासी काफी चिंता में थे. तीनों छात्रों के परिवार के सदस्य काफी हताश बैठे हुए थे. ऐसे में उन्हें जानकारी मिली कि, खोज व बचाव दल तथा पुलिस के दल ने तीनों बच्चों की तलाश कर ली है और वे सकुशल है. जिस खेत में यह तीनों बच्चे सकुशल मिले, उस खेत में ग्रामवासी दौड पडे. तीनों बच्चों को सकुशल देखकर परिवार के सदस्यों समेत ग्रामवासी, जिला व पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली. बच्चों ने बताया कि, वे घर से खेलने निकलने के बाद खेत में पहुंच गये थे. वहां उन्होंने पेड पर से आम और कैरी तोडी उन्हें खेलते वक्त समय का पता ही नहीं चला. अंधेरा होने पर घर में डांट पडने के डर से वे खेत के मंदिर में ही सो गये.
* एसडीपीओ ने पूरी रात जमाया गांव में डेरा
तीनों शालेय छात्र का पता न चलने के कारण एचडीपीओ आईपीएस सागर भामरे ने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया था. चांदूर बाजार पुलिस समेत खुद एसडीपीओ विश्रोली ग्राम में डेरा डाले हुए थे. आसपास के गांव में भी बच्चों की खोज जारी थी. पूरी रात एसडीपीओ भामरे ने अपने सहयोगी जवानों के साथ जागकर निकाली. सभी के दिलों में अलग-अलग विचार आ रहे थे. लेकिन आज मंगलवार को सुबह 7.40 बजे तीनों बच्चे गांव के एक खेत के मंदिर में सकुशल मिलने से सभी ने राहत की सांस ली.
* इस दल ने की सर्चिंग
एसडीपीओ द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के नियंत्रण कक्ष को तीन बच्चों के लापता होने की सूचना देने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर खोज व बचाव दल के सचिन धरमकर, विशाल निमकर, कौस्तुभ वैद्य, आकाश निमकर, सुमित बांबल, आपदा मित्र धीरज येवले, प्रफुल भुसारी का दल तत्काल विश्रोली गांव पहुंच गया था. उन्होंने दो घंटे तक गांव के पास से बहने वाली नदी, डोह, कुओं को छान मारा और आखिरकार उन्हें खेत के मंदिर में यह बच्चे सोये हुए सकुशल मिले.
* तीनों को किया परिजनों के हवाले
चांदूर बाजार के उपविभागीय पुलिस अधिकारी ने तीनों शालेय छात्र विराट, ईशान और अंश को सकुशल मिलने के बाद राहत की सांस ली. सभी के चेहरे खील उठे थे. बच्चों को आवश्यक प्रक्रिया के लिए चांदूर बाजार पुलिस स्टेशन लाया गया. पश्चात उन्हें परिजनों के हवाले किया गया. बच्चे सकुशल घर लौटने से परिवार के सदस्य के चेहरों पर भी खुशी नजर आयी.





