महारेरा की वेबसाइट से प्रोजेक्ट अपडेट करने का प्रमाण 80 प्रतिशत बढा
वर्ष 2025 में महारेरा के कई महत्वपूर्ण फैसले तथा प्रभावी कामकाज

* 5039 शिकायतों का यथोचित निपटारा, खरीददारों का किया फायदा
मुंबई /दि.5 – महारेरा ने बीते अंग्रेजी वर्ष में घर-संपत्ति खरीदीदारों को कानूनन सक्षम करते हुए अचल संपत्ति क्षेत्र में दीर्घकालिन, सकारात्मक परिणाम करनेवाले कई महत्वपूर्ण और दिशादर्शी निर्णय किए है. जिससे डेवलपर की जवाबदेही बढाकर घर खरीदार कानूनी रूप से सशक्त हुए और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही को मजबूती मिली. इन फैसलों का स्थावर संपदा क्षेत्र पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता स्पष्ट दिखाई दे रहा है. नवम्बर 2025 तक दर्ज सभी घर खरीदारों की शिकायतों की या तो सुनवाई हो चुकी है या उनकी सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है. इस अवधि में महारेरा ने 6,945 शिकायतों का निपटारा कर नया रिकॉर्ड बनाया है.
* शिकायत निवारण में ऐतिहासिक तेजी
पूर्व में महारेरा में शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहने की आम धारणा थी. लेकिन अध्यक्ष श्री मनोज सौनिक, सदस्य-1 श्री महेश पाठक और सदस्य-2 श्री रविंद्र देशपांडे के नेतृत्व में सुनवाई प्रक्रिया को योजनाबद्ध तरीके से तेज किया गया. परिणामस्वरूप वर्षों से लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हुआ. वर्ष 2025 में जहां 5,039 नई शिकायतें दर्ज हुईं, वहीं इसी अवधि में 6,945 मामलों पर निर्णय दिए गए. वर्ष 2024 में 3,824 और 2023 में 2,784 मामलों का निपटारा किया गया था. वर्तमान में भले ही 6,916 शिकायतें लंबित हों, लेकिन नोवम्बर 2025 तक दर्ज सभी मामलों की पहली सुनवाई पूरी हो चुकी है या तिथि निर्धारित है. शिकायत दर्ज होने के एक-दो माह में सुनवाई की स्थिति महारेरा में पहली बार बनी है.
* वरिष्ठता क्रम के बिना सुनवाई के स्पष्ट मानदंड
उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार महारेरा ने कुछ विशेष परिस्थितियों में वरिष्ठता क्रम को दरकिनार कर सुनवाई के मानदंड तय किए हैं. इनमें आवेदक की गंभीर बीमारी, पुनर्विलोकन या संशोधन याचिका, उच्च न्यायिक आदेश अथवा दोनों पक्षों की सहमति शामिल है. चिकित्सा आधार पर सुनवाई के लिए प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है.
* 4,282 आवासीय परियोजनाओं को मिला महारेरा पंजीकरण
वर्ष 2025 में 4,282 आवासीय परियोजनाओं को महारेरा पंजीकरण प्रदान किया गया. इनमें पुणे (1,144), मुंबई शहर व उपनगर (690), ठाणे (675), रायगढ़ (384), नासिक (283), नागपुर (281) और पालघर (258) प्रमुख हैं. क्षेत्रवार आंकड़ों में मुंबई महानगर क्षेत्र 2,119 परियोजनाओं के साथ अग्रणी रहा.
* राज्य के सभी 481 नियोजन प्राधिकरण महारेरा प्रणाली से जुड़े
राज्य के सभी 481 नियोजन प्राधिकरणों को महारेरा प्रणाली से जोड़ा गया है. इससे भवन निर्माण प्रारंभ प्रमाणपत्र (सीसी) और स्वीकृत नक्शों की ऑनलाइन जांच संभव हो गई है, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी आई है और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा.
* मुआवजा वसूली के लिए मानक कार्यप्रणाली
महारेरा द्वारा मंजूर मुआवजे का पालन न होने पर चार सप्ताह के भीतर सुनवाई होती है. आदेश का अनुपालन न करने पर डेवलपर को अपनी चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों का विवरण शपथपत्र पर देना अनिवार्य है. जानकारी न देने पर मामला प्रधान दंडाधिकारी को भेजा जाएगा, जिसमें तीन माह तक के कारावास का प्रावधान है.
* पंजीकरण प्रमाणपत्र में अब विस्तृत जानकारी
अब महारेरा पंजीकरण प्रमाणपत्र में परियोजना का कुल क्षेत्रफल, इमारत-विंग विवरण, स्वीकृत मंजिलें, आवासीय-अनावासीय इकाइयां, पार्किंग संख्या, सीसी विवरण तथा भविष्य की समय-वृद्धि और संशोधन की जानकारी भी उपलब्ध रहती है, जिससे खरीदार को एक ही दस्तावेज़ में आवश्यक जानकारी मिल जाती है.
* विज्ञापनों में महारेरा विवरण अनिवार्य
सभी आवासीय परियोजनाओं की विज्ञापनों में महारेरा पंजीकरण क्रमांक, वेबसाइट और क्यूआर कोड को संपर्क नंबर या पते के बराबर बड़े फॉन्ट में प्रकाशित करना अनिवार्य किया गया है. निर्देशों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है.





