राष्ट्रसंत तुकडोजी विचारधारा पाठ्यक्रम को अब तक यूजीसी की मान्यता नहीं

नागपुर /दि.10 – राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के नाम पर स्थापित राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ में उनके विचारों पर आधारित अध्ययन को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे है. बावजूद राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज से जुडे पाठ्यक्रम को अब तक विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की मान्यता नहीं मिली है. राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज साहित्य मंडल के सदस्य ज्ञानेश्वर रक्षक के अनुसार विद्यापीठ का नाम विस्तार से पहले ही तुकडोजी महाराज की विचारधारा पर आधारित पाठ्यक्रम शुरु करने की मांग की जा रही थी. उस समय गीताचार्य तुकाराम दादा के मार्गदर्शन में तत्कालीन कुलगुरु अरुण सातफुले से इस संबंध में चर्चा भी की गई थी.
नाम विस्तार के बाद विद्यापीठ में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज अध्यासन, ग्रामगीता भवन, उनका लिखित पुतला और विद्यापीठ गीत जैसी पहले शुरु हुई. इसके बाद कुलगुरु डॉ. विलास सपकाल के कार्यकाल में तुकडोजी महाराज विचारधारा पर एमए पाठ्यक्रम शुरु करने की मांग तेज हुई. डॉ. सुभाष सावरकर और ज्ञानेश्वर रक्षक के प्रयासों से वर्ष 2013 में इसका पाठ्यक्रम तैयार हुआ और इसे शुरु करने की मंजूरी भी दी गई. हालांकि यूजीसी की मान्यता नहीं मिलने के कारण इस पाठ्यक्रम के विस्तार में बाधाएं बनी रही. वर्ष 2015 में इस पाठ्यक्रम में 28 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया और उन्होंने तुकडोजी महाराज के साहित्य पर शोध करने की इच्छा भी जताई.



