बडे नेता ने 20 मिनट तक नामांकन देखा फिर भी नहीं मिली उम्मीदवारी
डॉ. मतीन अहमद परिवार 37 वर्षो से कांग्रेस का निष्ठावान

* चार बार मिला केवल आश्वासन अब डॉ. हाजरा सुलताना प्रभाग 4 ब से मैदान में
अमरावती/ दि. 1- महापालिका चुनाव में अनेक दलों में निष्ठावानों को दर किनार कर नवागतों को टिकट दिए जाने के आरोप अब किए जा रहे हैं. कांग्रेस भी इससे अछूती नहीं रही हैं. इसी कडी में 37 वर्षो से कांग्रेस का हर काम हर हुकुम की तब्दील करने में अग्रणी रहे डॉ. मतीन अहमद परिवार ने भी टिकट देने के वादे से मुकर जाने का आरोप कांग्रेस नेताओं पर किया है. डॉ. मतीन अहमद ने बताया कि उन्हें हैरानी है कि पंजे ने उन्हें उम्मीदवारी नहीं दी. जबकि नामांकन के अंतिम दिन के पहले रात को प्रमुख नेता ने 20 मिनट तक उनके द्बारा भरे गये पर्चे का अवलोकन किया. सबेरे देखा तो सूची से उनका नाम नदारद था. इसे अपने साथ घोर अन्याय बताते हुए डॉ. मतीन अहमद ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का विरोध करनेवालों को पंजे की उम्मीदवारी दी गई है. जिसके विरोध में उन्होंने प्रभाग 4 जमील कॉलोनी- लालखडी की ब सीट से अपनी पत्नी डॉ. हाजरा सुलतान मतीन अहमद को मैदान में उतारा है.
सेवादल, ब्लॉक कांग्रेस में किया काम
डॉ. मतीन अहमद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके साथ घात किया है. उन्होंने 1987 से कांग्रेस पक्ष को अपना परिवार समझकर कार्य किया. सेवादल, युवक कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, शहर कांग्रेस का सफर करते हुए 35 साल बीत गये. डॉ. मतीन ने आरोप किया कि चार बार उ्रन्होंने कांग्रेस की उम्मीदवारी मांगी. हर बार उनकी टिकट काट दी गई.
कान के नीचे के लोग होना
डॉ. मतीन अहमद ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं को अपने कान के नीचे के लोग होना. ज्यादा पढे- लिखे लोग कांग्रेंस को नहीं चलते्र. उसी प्रकार जिन लोगाेंं ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ काम किया. उन्हेे सम्मान के साथ टिकट देने का आरोप करते हुए मतीन अहमद ने खेद के साथ कहा कि निष्ठावानों के साथ अन्याय किया गया है. रात दिन पक्ष के लिए काम करनेवाले कार्यकर्ता को पक्ष से दूर कर कांग्रेस को खत्म करने में पार्टी के गलत निर्णय लेनेवाले नेताओं का हाथ है. 25 साल से पक्ष में काम करनेवालों की टिकट कट जाती है, यह शोकांतिका है. आनेवाले समय में जनता इनके गलत निर्णय मंजूर करेगी.





