शिंदे सेना ने मनपा की सत्ता में शामिल होने को लेकर अब तक नहीं खोले अपने पत्ते

अमरावती/दि.2 – अमरावती मनपा में भाजपा, युवा स्वाभिमान पार्टी एवं अजीत पवार गुट वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा मिल-जुलकर सरकार बनाई जा रही है, यह बात लगभग तय हो चुकी है. लेकिन इस सत्ता में शिंदे गुट वाली शिवसेना शामिल होगी अथवा नहीं यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. क्योंकि शिंदे गुट वाली शिवसेना के स्थानीय पदाधिकारियों ने इसे लेकर अब तक अपने पत्ते नहीं खोले है.
बता दें कि, राज्यस्तर पर महायुति में भाजपा, शिंदे सेना व अजीत पवार गुट वाली राकांपा एक साथ शामिल है तथा तीनों दलों की मिलीजुली सरकार चल रही है. साथ ही अमरावती महानगर पालिका के चुनाव में भी भाजपा व शिवसेना के बीच चुनाव से पहले युति करने को लेकर अच्छी-खासी कोशिशे हुई थी. परंतु किसी कारणवश दोनों दलों के बीच युति नहीं हो पाई. लेकिन इसके बावजूद यह संभावना थी कि, चुनाव पश्चात दोनों दलों के बीच गठबंधन होगा. मनपा चुनाव में भाजपा ने जहां सर्वाधिक 25 सीटें जीती, वहीं शिंदे गुट वाली शिवसेना को मात्र 3 सीटों पर ही संतोष करना पडा. क्योंकि सदन में किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है. जिसके चलते यह लगभग तय माना जा रहा था कि, भाजपा द्वारा शिंदे सेना के 3 पार्षदों को अपने साथ लिया जाएगा तथा शिंदे सेना के पार्षद भी सत्ता का सुख प्राप्त करने हेतु भाजपा के साथ आएंगे. परंतु हैरत वाली बात यह है कि, अब तक एकला चलो की भूमिका लेकर चल रही अजीत पवार गुट वाली राकांपा ने अपनी भूमिका बदल ली है और भाजपा के साथ मनपा की सत्ता में शामिल होने हेतु युति में शामिल होने का फैसला लिया है. वहीं दूसरी ओर महापौर व उपमहापौर पद के चुनाव को लेकर गहमा-गहमी शुरु होने के बावजूद शिंदे सेना दूर-दूर तक कहीं पर भी दिखाई नहीं दे रही. आज भाजपा कोर कमिटी की होटल महफिल में बैठक आयोजित थी. जहां पर पार्टी के सहयोगी दलों के नेताओं व पार्षदों को भी बुलाया गया था. परंतु होटल महफिल में आयोजित बैठक तथा मनपा मुख्यालय में नामांकन के समय शिंदे गुट के स्थानीय पदाधिकारी और पार्षद कहीं दिखाई नहीं दिए. जिसके चलते शिंदे गुट वाली शिवसेना की भूमिका को लेकर काफी हद तक संभ्रम देखा जा रहा है.

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