नाशिक के लिए मील का पत्थर साबित होगा 2027 का सिंहस्थ कुंभ

23, 129 करोड मंजूर

* तैयारियों ने पकडी रफ्तार
अमरावती/ दि.19 – सिंहस्थ कुंभमेला 2027 के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने संयुक्त रूप से 23, 129 करोड रूपए का विशाल बजट मंजूर किया है. इस निधि से नाशिक शहर और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में बडे पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं. इनमें सडक, पुल, घाट, बिजली, पानी, रेलवे, रिंग रोड, हवाई अड्डे का विस्तार तथा भीड प्रबंधन से संबंधित काम शामिल है. इस बार श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि की संभावना को देखते हुए नाशिक मनपा, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद, जिला प्रशासन, सार्व जनिक निर्माण विभाग और रेलवे विभाग द्बारा समन्वय के साथ कार्य किए जा रहे हैं. रेलवे ने 5 स्टेशनों का आधुनिकीकरण शुरू किया है, ताकि कुंभ के दौरान यातायात व्यवस्था अधिक सृदढ हो सके.
5, 630 करोड के कार्य स्वीकृत : प्रथम चरण में विभिन्न विभागों के 5, 630 करोड रूपए के कार्यो को प्रशासनिक मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कार्यो का भिूमपूजन किया. इसके अतिरिक्त, 3,700 करोड रूपए की रिंग रोड परियोजना, 214 करोड रूपए का द्बारका चौक भूमिगत मार्ग 556 करोड रूपए का ओझर विमानतल विस्तार, लगभग 350 करोड रूपए के गोदावरी घाटी का विकास तथा 390 करोड रूपए की लागत से त्र्यंबकेश्वर दर्शनपथ (द्बितीय चरण ) सहित अन्य कार्यो को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
80% कार्य प्रगति पर : शेखर सिंह
कुंभमेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने पत्रकार परिषद में बताया कि लगभग 80 प्रतिशत कार्य प्रगति पर है. सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यो को समयबध्द तरीेके से पूर्ण करने का लक्ष्य है. प्रस्तावित योजनाओं को नाशिक त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला विकास प्राधिकरण द्बारा प्राथमिकता के आधार पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा रही है.
* भूमि अधिग्रहण को मिली गति : रिंग रोड, साधुग्राम और घाटों के विकास के लिए बडे पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जाना है. रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु लगभग 4000 करोड रूपए का प्रावधान किया गया है. साधुग्राम क्षेत्र के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई.
* निधि का विवरण करोड रूपए में

राज्य सरकार (कुंभ निधि)
13,114, 31
राज्य सरकार (अन्य परियोजनाए)
1,253, 44
केंद्र सरकार
8,761, 54
कुल निधि
23, 129, 29
करोड रूपए
* पर्यटन व उद्योगों का होगा विकास
यह परियोजनाएं नाशिक के पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. इनमें सिंहस्थ परिक्रमा मार्ग (रिंग रोड), घोटी- त्र्यंबकेश्वर महामार्ग, ओझर विमानतल का विस्तार शामिल है. साथ ही द्बारका सर्कल पर भूमिगत मार्ग, त्र्यंबकेश्वर में गोदावरी को हमेशा प्रवाहित रखने की योजना, त्र्यंबकेश्वर दर्शनपथ तथा रामकाल पथ जैसे प्रकल्प भी महत्वपूर्ण है.

Back to top button