प्रसव के बाद गंभीर हुई माता की सुपर की टीम ने बचाई जान

धारणी उप जिला अस्पताल में हुई थी प्रीमैच्युअर प्रसुती

अमरावती/दि.13 -विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल (सुपर स्पेशलिटी अस्पताल) ने एक ऐसी महिला की जान बचाई है जिसकी बेहद जटिल सिजेरियन डिलीवरी के बाद हालत बिगड गई थी. महिला मेलघाट की रहने वाली है और उसने धारणी उपजिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था. हालत बिगडने पर उसे तुरंत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. मेलघाट में आने वाले धारणी तहसील के गंभिरी गांव निवासी यह महिला चौथी बार गर्भवती थी और गर्भावस्था के 30वें सप्ताह में अचानक उसकी हालत अचानक बिगड गई और उसे असहनीय दर्द होने लगा. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए धारणी उपजिला अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत महिला का समय से पहले सिजेरियन प्रसव कराने का फैसला किया. हालांकि, इसके बाद भी उसकी हालत बिगडती चली गई और उसे 3 फरवरी को विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल लाया गया. अस्पताल में भर्ती होते ही डॉक्टरों की टीम ने आवश्यक जांच की और आगे की सर्जरी और उपचार शुरू किया. समन्वित और त्वरित चिकित्सा देखभाल के कारण डॉक्टर महिला की जान बचाने में सफल रहे.
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे और विशेष कार्य अधिकारी डॉ. मंगेश मेंढे ने प्रसव के बाद गंभीर हालत में पहुंची प्रसुता की हालत को सफलतापूर्वक सामान्य कर दिया है. उन्हें 12 जनवरी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. उनके मार्गदर्शन में यूरो सर्जन डॉ. राहुल पोटोडे, कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भावना सोनटक्के, डॉ. जयश्री तलेगांवकर, डॉ. उज्वला मोहोड, डॉ. उज्वल अभ्यंकर, डॉ. नाहिद, डॉ.श्रद्धा, डॉ. प्रियंका, डॉ. राईकवार और अधिसेविका चंदा खोडके के निर्देशों के अनुसार नर्सिंग स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. गर्भवती महिला के परिवार ने संतोष व्यक्त किया.

सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल के बीच समन्वय के माध्यम से महिला की जान बचाना संभव हुआ.
डॉ.अमोल नरोटे, वैद्यकीय अधीक्षक,
सुपर हॉस्पिटल

 

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