…तो अप्रैल तक लटक सकते है मनपा के चुनाव!
इवीएम की उपलब्धता पर तय होगा मुहूर्त

* 45 दिन वाला नियम बन सकता है बाधा
मुंबई /दि.8- राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य के सभी महानगर पालिकाओं के चुनाव जनवरी माह के अंत तक लेने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. परंतु पूरा मामला इवीएम की उपलब्धता पर ही निर्भर करेगा और यदि मनपा चुनाव के लिए तय समय के भीतर इवीएम उपलब्ध नहीं होती है, तो मनपा के चुनाव कक्षा 10 वीं-12 वीं की परीक्षाओं के बाद मार्च-अप्रैल माह में होने की संभावना जताई जा रही है.
बता दें कि, विगत मई माह में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्थानीय स्वायत्त निकायों के चुनाव अक्तूबर माह के अंत तक लेना आवश्यक था. परंतु इस समय तक प्रत्यक्ष चुनाव कराने हेतु रहनेवाली समस्याओं व दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जनवरी माह के अंत तक समयावृद्धि दी. वहीं इस दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद, पंचायत समिति, नगर पालिका, नगर परिषद व महानगर पालिका के चुनाव हेतु आवश्यक रहनेवाली प्रभाग रचना तथा गट व गण रचना को अंतिम कर दिया. साथ ही जिला परिषद, नगर परिषद व नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के आरक्षण का ड्रॉ भी निकाला जा चुका. जबकि अगले 15 दिनों के भीतर महानगर पालिकाओं में आरक्षण के ड्रॉ को निकालने हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे है. इसके अलावा मतदाता सूची अंतिम होने के बाद बुथनिहाय मतदाता सूची विभाजित करने का काम भी इसी सप्ताह में पूरा किया जाएगा.
जहां एक ओर चुनाव हेतु तमाम आवश्यक कार्रवाई को पूरा किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर प्रत्यक्ष मतदान कराने हेतु लगनेवाली इवीएम की कमी का मुद्दा इस समय बेहद महत्वपूर्ण है. जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव नवंबर माह के अंत अथवा दिसंबर माह के प्रारंभ में होना लगभग तय है. जिसके चलते दीपावली के बाद जिप व पंस के चुनाव हेतु आचार संहिता घोषित हो सकती है. खास बात यह है कि, जिप व पंस के चुनाव में प्रयुक्त होनेवाले इवीएम को चुनावी नतीजों के बाद 45 दिन सुरक्षित रखना अनिवार्य रहेगा और इस दौरान इवीएम में दर्ज रहनेवाले डेटा को कानूनन डिलिट नहीं किया जा सकेगा और इस कालावधि के बाद ही जिप व पंस के चुनाव में प्रयुक्त इवीएम को मनपा चुनाव हेतु प्रयोग में लाया जा सकेगा. लेकिन राज्य में जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव होने के तुरंत बाद ही नगर परिषद व नगर पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित है. जिसके तुरंत बाद महानगर पालिका के चुनाव करवाए जाने है. राज्य में सभी स्थानीय स्वायत्त निकायों के चुनाव एक साथ कराए जाने का यह पहला ही मौका है. जिसके चलते इवीएम की अच्छी-खासी किल्लत पैदा हो गई है. यदि जिला परिषद व पंचायत समितियों के चुनाव पश्चात नतीजों को लेकर किसी भी तरह की कोई झंझट होती है और यदि इवीएम को अदालती कार्रवाईयों का सामना करना पडता है, तो इसका सीधा असर मनपा चुनाव पर पड सकता है. ऐसे समय बाहर से इवीएम मशीनों को लाकर मनपा के चुनाव कराने के पर्याय पर भी विचारविनिमय शुरु है. जिसके चलते मौजूदा स्थिति में मनपा के चुनाव जनवरी माह में ही करवाना प्रस्तावित रहने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई है. क्योंकि यदि मनपा के चुनाव को फरवरी तक आगे ढकेला जाता है, तो इसमें कक्षा 10 वीं व 12 वीं की परीक्षाओं को लेकर दिक्कत आएगी. साथ ही फरवरी-मार्च माह में बोर्ड परीक्षाओं के चलते चुनाव करवाना संभव नहीं हो पाएगा. जिसके बाद अप्रैल माह में अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं रहने के चलते मतदान केंद्रों हेतु शालाओं व महाविद्यालयों के कमरे मिलने मुश्किल रहेंगे. ऐसी स्थिति में मनपा के चुनाव अप्रैल माह के अंत तक मुल्तवी करने होंगे. ऐसे में इन तमाम संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग द्वारा जनवरी माह के अंत तक ही महानगर पालिका के चुनाव करवाने हेतु तमाम आवश्यक प्रयास किए जा रहे है.





