मोर्शी पालिका में नहीं विपक्ष का नेता

सत्ताधारियों पर कौन लगाएगा अंकुश

मोर्शी/दि.29 – स्थानीय नगर पालिका में फिलहाल सत्ताधारी पक्ष का वर्चस्व रहने पर भी एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया जा रहा है. सदन में विपक्ष का नेता मनोनित नहीं किया गया है. ऐसे में सत्ताधारियों के किसी गलत निर्णय का कौन विरोध करेगा? यह प्रश्न उठाया जा रहा है.
पिछले माह हुए नगर परिषद चुनाव में सत्ता पक्ष गट के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विविध विषय समितियों के सभापति व सदस्य चुने गए. किंतु पालिका में नेता प्रतिपक्ष तय नहीं किया गया. ऐसे में लोकशाही पद्धती और संतुलन के लिए विपक्ष का मजबूत होना और उसका नेता होना आवश्यक बताया जा रहा है. नीलेश रोडे ने दावा किया कि, नेता प्रतिपक्ष न रहने पर मनमानी कामकाज होगा और भ्रष्टाचार को भी प्रोत्साहन मिल सकता है. लोकशाही न रहेगी. गलत निर्णय का भी कोई विरोध नहीं होने पर शहर का नुकसान होने की आशंका भी रोडे ने व्यक्त की.
कुछ इसी प्रकार की प्रतिक्रिया आम वोटर आशीष टाकवडे ने दी. उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र की बात करे तो सदन में विपक्ष नेता होना आवश्यक है. सत्ता पक्ष का कोई भी फैसला भरपूर चर्चा के साथ किया जाना जरुरी होता है. ऐसे में नेता प्रतिपक्ष न रहने पर मोर्शी में सत्ता निरंकुश भी हो सकती है.

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